भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा इकाइयों के लिए नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में घोषित इन नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। दिल्ली भाजपा की कमान केंद्रीय मंत्री और पूर्वी दिल्ली से लोकसभा सांसद हर्ष मल्होत्रा को सौंपी गई है। वह वर्तमान में केंद्र सरकार में राज्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं और इससे पहले वीरेंद्र सचदेवा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। पार्टी नेतृत्व ने राजधानी में संगठन को और मजबूत करने के उद्देश्य से यह बदलाव किया है। वीरेंद्र सचदेवा ने आज दोपहर को दिल्ली भाजपा मुख्यालय में हर्ष मल्होत्रा को अध्यक्ष पद का कार्यभार सौंप दिया। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, भाजपा के सांसद, विधायक और अन्य पदाधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
इस दौरान हर्ष मल्होत्रा ने कहा, “मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं कि जिन प्रदेश अध्यक्षों के मार्गदर्शन में मैंने काम सीखा, वो सभी मुझे आज आशीर्वाद देने आए हैं।” उन्होंने कहा कि दिल्ली में 27 वर्षों के बाद भाजपा की सरकार आई और रेखा गुप्ता हमारी मुख्यमंत्री बनी हैं। ये सब दिल्ली के लाखों-हजारों कार्यकर्ताओं की मेहनत और वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व से संभव हो पाया है। हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन के आशीर्वाद से बड़ी जिम्मेदारी मुझे मिली है। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि दिल्ली के हजारों कार्यकर्ताओं व नेतृत्व के मार्गदर्शन में दिल्ली की सरकार यहां की जनता के लिए जो 24 घंटे काम कर रही है, उसे और आगे बढ़ाने के लिए मैं अपना योगदान दूंगा।”
वहीं हरियाणा में भाजपा ने डॉ. अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। पेशे से चिकित्सक अर्चना गुप्ता फिलहाल प्रदेश भाजपा की महासचिव थीं। उनकी नियुक्ति कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि लगभग चार दशक बाद हरियाणा भाजपा को दूसरी महिला प्रदेश अध्यक्ष मिली है। इससे पहले कमला वर्मा 1980 से 1983 तक इस पद पर रह चुकी थीं। अर्चना गुप्ता मूल रूप से पानीपत की रहने वाली हैं और जिला अध्यक्ष सहित संगठन के कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी हैं।
नियुक्ति के बाद अर्चना गुप्ता ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह पूरी निष्ठा, समर्पण और सेवा भाव से अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी। उन्होंने भाजपा को और मजबूत बनाने, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनके सशक्तीकरण के लिए लगातार कार्य करने का संकल्प भी जताया। साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर महिलाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।
वहीं पंजाब भाजपा की कमान सरदार केवल सिंह ढिल्लों को दी गई है। 76 वर्षीय ढिल्लों पूर्व में कांग्रेस के नेता और बरनाला से विधायक रह चुके हैं। वह 2022 में भाजपा में शामिल हुए थे और उन्हें पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का करीबी माना जाता है। पार्टी ने उन्हें ऐसे समय में जिम्मेदारी दी है जब पंजाब में संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर जोर दिया जा रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद केवल सिंह ढिल्लों ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के बाद पंजाब में भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने भगवंत मान सरकार पर जनता से किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया और राज्य में गुंडा राज होने की बात कही। ढिल्लों ने कहा कि भाजपा पंजाब को हर क्षेत्र में नंबर एक राज्य बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की तेज प्रगति की भी सराहना की।
उधर, त्रिपुरा में भाजपा विधायक अभिषेक देबरॉय को पार्टी की राज्य इकाई का अध्यक्ष बनाया गया है। वह 2023 के विधानसभा चुनाव में माताबारी सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में त्रिपुरा में संगठन और मजबूत होगा। देखा जाये तो भाजपा द्वारा चार राज्यों में किए गए ये संगठनात्मक बदलाव आगामी चुनावी रणनीति और संगठन विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। पार्टी नेतृत्व ने नए अध्यक्षों को राज्यों में संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी है।