अयोध्या (उप्र), पांच सितंबर अयोध्या की एक अदालत ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत शनिवार को 18 सितंबर तक बढ़ा दी। आरोपियों के वकील ने यह जानकारी दी। मंदिर में चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े इन आठ आरोपियों को राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद 25 जून को दर्ज प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तार किया गया था।
वे फिलहाल जेल में बंद हैं। आरोपियों के वकील कुल शेखर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 18 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। अयोध्या की भ्रष्टाचार निवारण अदालत के विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा ने यह आदेश दिया।
इस मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों के नाम अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव हैं। वकील ने बताया कि अपनी जमानत अर्जी में आरोपी सुभाष श्रीवास्तव ने अदालत को दान की गिनती की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी है और दावा किया है कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। वकील के मुताबिक, श्रीवास्तव ने यह भी कहा है कि गिनती की प्रक्रिया में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों के अलावा कई और लोग भी शामिल थे।
उन्होंने बताया कि तीन आरोपियों की जमानत अर्जियों पर 11 सितंबर को सुनवाई होगी, और उसके बाद 14 सितंबर को तीन अन्य आरोपियों की अर्जियों पर सुनवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाकी बचे दो आरोपियों की जमानत अर्जियों पर 15 सितंबर को सुनवाई होगी। मामला राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद और कीमती सामान के गबन से जुड़ा है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जांचकर्ताओं ने अब तक 79.85 लाख रुपये बरामद किए हैं। अधिकतर आरोपी मंदिर में चढ़ावे के नकद की गिनती के लिए तैनात बैंक कर्मचारी थे, जबकि श्रीवास्तव चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया के प्रभारी थे और टिन्नू यादव चालक के रूप में काम करता था। इससे पहले मंगलवार को आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के वकील ने उसके केनरा बैंक खाते को दोबारा चालू करने की मांग की थी।
वकील ने दलील दी थी कि इस खाते में उसकी पेंशन आती है और इसी से उसके परिवार का खर्च चलता है। अदालत ने इस याचिका पर सुनवाई नौ सितंबर तक टाल दी थी।
