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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
मध्य पूर्व में गहराते संकट और अनिश्चितता के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के साथ जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए वे किसी जल्दबाजी में नहीं हैं। फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि उन पर शांति समझौते के लिए समय का कोई दबाव नहीं है, जिससे यह साफ हो गया है कि क्षेत्र में तनाव अभी लंबे समय तक बना रह सकता है। ट्रंप ने उन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि वे आगामी मध्यावधि चुनाव (midterms) को देखते हुए…
मिडिल ईस्ट से एक बड़ी खबर है जहां एक बार फिर से तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी कि आईआरजीसी ने हॉर्मुज स्टेट में भारत आ रहे एक कंटेनरशिप को रोक कर अपने कब्जे में ले लिया है। यह वही हॉर्मोच स्टेट है जिसे दुनिया की सबसे अहम ऑयल सप्लाई लाइफलाइन माना जाता है और यहीं पर इस कारवाही ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। जिस जहाज को जब्त किया गया है, उसका नाम है एपामिनोस। यह जहाज लाइबेरिया के फ्लैग के तहत रजिस्टर्ड था। गुजरात के मुंद्रा पोर्ट…
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव अब एक नए और अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने संकेत दिया है कि यदि तनाव बढ़ता है, तो फारस की खाड़ी में स्थित महत्वपूर्ण डिजिटल बुनियादी ढांचा, विशेष रूप से समुद्री इंटरनेट केबल और क्लाउड नेटवर्क, उनके अगले निशाने पर हो सकते हैं। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पहले से ही बाधित है और वैश्विक ऊर्जा बाजार दबाव में है। आईआरजीसी से जुड़े मीडिया की रिपोर्टें क्षेत्र के डिजिटल ढांचे के रणनीतिक महत्व और संवेदनशीलता दोनों…
अपना देश किस तरह से अलग-अलग सेक्टर्स में ऐसे काम कर रहा है जिसकी जानकारी आप तक कम आ पाती है। लेकिन दुनिया भर में उन सेक्टर्स में भारत का दबदबा साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। भारत इस मामले में अमेरिका, चाइना, यूरोप हर जगह अपना दम दिखा रहा है और जबरदस्त लाभ कमा रहा है और उस उद्योग का उस सेक्टर का विस्तार कर रहा है। आज भारत के सी फूड सेक्टर की जहां भारत ने इस फाइनेंसियल ईयर में जबरदस्त दबदबा दिखाने का काम किया है। ये जो रिकॉर्ड तोड़ सफलता मिली है। वैश्विक चुनौतियों…
गुजरात के आणंद जिले की उमरेठ विधानसभा सीट पर रिक्त हुए पद को भरने के लिए आज बृहस्पतिवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया है। पूर्व विधायक गोविंद परमार के आकस्मिक निधन के बाद हो रहा यह उपचुनाव भाजपा के लिए अपनी विरासत बचाने और कांग्रेस के लिए मध्य गुजरात में वापसी करने का बड़ा मौका है।क्यों हो रहा है उपचुनाव?पिछले महीने भाजपा के दिग्गज नेता और चार बार के विधायक गोविंद परमार का 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उनके निधन से खाली हुई इस सीट पर निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की घोषणा की।…
आसमान से आने वाले खतरे चाहे वो फाइटर जेट हो, मिसाइल हो या स्टिल्ट तकनीक से लैस दुश्मन के हथियार। इन सबका जवाब अब भारत ने अपने ही घर में तैयार कर लिया है और दिलचस्प बात यह है कि यह सिस्टम ना सिर्फ ताकतवर है बल्कि लागत के मामले में भी चौंकाने वाला है। जिस सिस्टम को दुनिया S400 एयर डिफेंस सिस्टम के नाम से जानती है उसी के मुकाबले भारत ने अब अपना स्वदेशी विकल्प तैयार कर लिया है जिसका नाम है प्रोजेक्ट कुश। दावा है कि यह सिस्टम लगभग आधी लागत में तैयार हुआ है और कई…
Gujarati snacks have a different fanbase, and they deserve it. The crunchy, sweet, and tangy flavour in each bite feels so wholesome. Among several snacks, khandvi is one of the most popular ones, which makes it a staple in most households.Sanjeev Kapoor’s Khandvi recipe to try at home. (Unsplash)Made from gram flour, these are so tempting that you won’t be able to resist them. On April 16, 2026, Master chef Sanjeev Kapoor shared his best khandvi recipe that you can try at home. Here’s a step-by-step recipe. Also read | This chocolate lava cake with 13g protein and just 166…
दक्षिण भारतीय राजनीति के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र, तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए बृहस्पतिवार सुबह सात बजे मतदान की प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। राज्य भर के 75,064 मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं का उत्साह चरम पर है और केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। इस बार का चुनाव न केवल पारंपरिक द्रविड़ प्रतिद्वंद्वियों के बीच की जंग है, बल्कि राज्य में एक नए राजनीतिक उदय की परीक्षा भी है। इस चुनावी मुकाबले में सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) की प्रमुख पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रही है और…
पश्चिम बंगाल की सत्ता का भविष्य तय करने वाले विधानसभा चुनाव के पहले चरण का आगाज़ बृहस्पतिवार सुबह भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुआ। उत्तर में हिमालय की तलहटी (दार्जिलिंग) से लेकर दक्षिण के मैदानी इलाकों (हुगली और बीरभूम) तक, कुल 152 विधानसभा क्षेत्रों में सुबह सात बजे से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं। यह चरण न केवल सीटों की संख्या के लिहाज से बड़ा है, बल्कि यह बंगाल की राजनीति की दिशा तय करने वाला भी माना जा रहा है। राज्य की कुल 294 सीटों में से आधे से अधिक पर आज मतदान हो रहा है।…
Nita Ambani sat down with Jessica Sibley, CEO of TIME magazine, during the TIME 100 Summit in New York for a Leadership Lens interview. The two had an intimate conversation at the summit during which the Reliance Foundation chairperson gave out a powerful message saying, “India’s time has come. The world doesn’t need more hard power. It needs soft power. And that’s what India represents.”Nita Ambani’s beautiful Jamdani saree for TIME 100 Summit. (Swadesh)Also Read | Nita Ambani in red saree, sindoor and rani haar celebrates Mukesh Ambani’s birthday at Siddhivinayak temple. PicsFor the occasion, she wore a tribal lore…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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