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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित सुप्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में गत रविवार को सुबह आरती के समय अचानक बेकाबू हुई भीड़ से मची भगदड़ से हुए हादसे में जहां 8 लोगों की जान चली गई, वहीं 26 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इससे भक्त और भगवान के व्याकुल अन्तर्सम्बन्धों के साथ-साथ मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सुलगते हुए सवाल उठ हैं। ऐसा इसलिए कि अपने आपमें न तो यह पहली घटना है और न ही अंतिम! बावजूद इसके, बेगुनाहों की मौतों का यह सिलसिला कब थमेगा, विश्वास पूर्वक कुछ कहा नहीं जा सकता है, क्योंकि ब्रेक…
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफा देने, मुंबई सीरियल ट्रेन ब्लास्ट मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से सभी 12 आरोपियों के बरी होने और संसद के हंगामेदार मानसून सत्र पर इस हफ्ते पंजाबी अखबारों ने अपनी राय प्रमुखता से रखी है।उपराष्ट्रपति के इस्तीफे पर जालंधर से प्रकाशित ‘पंजाबी जागरण’ लिखता है- उपराष्ट्रपति के अचानक इस्तीफे से उठ रहे कई सवाल सही हैं और उनका जवाब मिलना चाहिए, लेकिन यह कहना मुश्किल है कि जवाब मिलेंगे या नहीं। उनका इस्तीफा इसलिए भी अधिक आश्चर्यजनक है, क्योंकि दिन में वे सदन में सक्रिय थे और रात में उन्होंने यह कहते हुए इस्तीफा दे…
पेड़-पौधों की अनेक प्रजातियों के अलावा बिगड़ते पर्यावरणीय संतुलन और मौसम चक्र में आते बदलाव के कारण जीव-जंतुओं की अनेक प्रजातियों के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इन प्रजातियों के लुप्त होने का सीधा असर समस्त मानव सभ्यता पर पड़ना अवश्वम्भावी है। प्रदूषित हो रहे पर्यावरण के आज जो भयावह खतरे हमारे सामने आ रहे हैं, उनसे शायद ही कोई अनभिज्ञ हो और हमें यह स्वीकार करने से भी गुरेज नहीं करना चाहिए कि इस तरह की समस्याओं के लिए कहीं न कहीं जिम्मेदार हम स्वयं भी हैं। सबसे पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि प्रकृति…
अधिक काम करने के बाद थकान होना लाजमी है। जब थकान होती है, तो कुछ घंटों की नींद और आराम आपको फ्रेश कर देती है। लेकिन अगर आप ज्यादा काम नहीं करते हैं और इसके बाद भी हर समय थकान लगती है। कोई काम करने का दिल नहीं करता है, तो आप क्रोनिक फटीग सिंड्रोम से पीड़ित हो सकते हैं। यह थकान कोई मामूली थकान नहीं होती, जो ज्यादा काम करने, तनाव या फिर देर रात तक जागने से नहीं होती है। बल्कि यह बीमारी वाली थकावट होती है, जोकि कई महीनों तक बनी रहती है। यह थकान आराम करने…
अक्सर हम सभी अपने आउटफिट के साथ अलग-अलग डिजाइन वाले हैंडबैग कैरी करते हैं। इन हैंडबैग में फोन या अन्य जरूरी सामान लेकर जाते हैं। लेकिन आउटफिट के साथ हर हैंडबैग अच्छा नहीं लगता है। ऐसे में हम हैंडबैग को चेंज करने के बारे में सोचते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ ऐसे हैंडबैग के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको आप बताए गए डिजाइन के हिसाब से चूज कर सकते हैं। इससे आपको आउटफिट के साथ हैंडबैग को कैरी करने में दिक्कत भी नहीं होगी।हैंडबैग को आउटफिट के साथ ऐसे करें मैचअगर आप…
आज के समय में लोग हेल्थ कॉन्शियस होते जा रहे हैं। अधिकतर लोग अपने हेल्थ गोल्स को पूरा करने के लिए अपनी डाइट को ग्लूटन फ्री बना लेते हैं। इस तरह की डाइट में ग्लूटन फ्री रोटी बनाना काफी मुश्किल लगता है, क्योंकि इसमें गेहूं जैसे लचीलापन नहीं होता। जिसकी वजह से कभी रोटी बेलते वक़्त फट जाती है, तो कभी हाथ में चिपकती है या फिर तवे पर जाते ही टूटने लगती है। इसे देखकर यकीनन काफी इरिटेशन होती है।हो सकता है कि आपने भी ग्लूटन फ्री डाइट में रोटी बनाने की कोशिश की हो, लेकिन आप बाद में…
विश्व स्वास्थ्य संगठन की माने तो चिकनगुनिया अब विकराल रुप लेता जा रहा है। एक मोटे अनुमान के अनुसार आने वाले समय में पांच अरब लोगों के इसके दायरें में आने की पूरी पूरी संभावना है। हांलाकि चिकनगुनिया से मौत का आंकड़ा प्रभावितों में से केवल एक प्रतिशत है पर जिस तरह से इसके फैलने की संभावनाएं बनती जा रही है निश्चित रुप से मौत का आंकड़ा भी बढ़ेगा और लाख दावों के बावजूद इसके स्वास्थ्य पर दूरगामी गंभीर प्रभाव भी पड़ेगा। चिकनगुनिया की गंभीरता को इसी से समझा जा सकता है कि उष्णकटिबंधीय अफ्रीका से एशिया को लपेटे में…
टीएमजेड स्पोर्ट्स को पता चला है कि कुश्ती के दिग्गज हल्क होगन का 71 साल की उम्र में निधन हो गया है। गुरुवार सुबह-सुबह WWE के दिग्गज हल्क होगन के क्लियरवॉटर, फ्लोरिडा स्थित घर पर डॉक्टरों को भेजा गया… और डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें “कार्डियक अरेस्ट” हुआ था। होगन के घर के बाहर के एक वीडियो में, एम्बुलेंस में ले जाए जा रहे होगन की जान बचाने के लिए बचावकर्मी बेताब दिखाई दे रहे हैं।कुश्ती के दिग्गज और पॉप संस्कृति के प्रतीक हल्क होगन के निधन ने न केवल पेशेवर कुश्ती जगत को झकझोर कर रख दिया। 80 और…
भारत और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की अंतिम स्वीकृति ने न केवल वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मचा दी है, बल्कि भारत के आर्थिक भविष्य को भी एक नई दिशा दी है। दोनों देशों के बीच आखिरकार फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होने का फायदा दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मिलेगा। पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से संरक्षणवाद बढ़ा है, उसमें ऐसे व्यापार समझौतों की भूमिका और भी अहम हो जाती है। इस समझौते से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न केवल अमेरिका बल्कि अन्य देशों को भी भारत की मजबूत होती स्थिति का आइना दिखाया है, जो…
हर महिला खूबसूरत दिखना चाहती हैं, जिसके लिए वह काफी प्रयास भी करती हैं। डस्की स्किन को खूबसूरत बनाने के लिए महिलाएं महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं। अगर आपकी स्किन भी डस्की है, तो आप भी अपने चेहरे को खूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए मेकअप करती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको ब्यूटी एक्सपर्ट की मदद से कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं। जिनका इस्तेमाल करने से आप आसानी से डस्की स्किन को खूबसूरत बना सकती हैं। हम आपको डस्की स्किन पर मेकअप करने के लिए आप कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं।सही…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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