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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
इन दिनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की दुनियाभर में काफी डिमांड है। आज के समय में हर शख्स इस टूल का इस्तेमाल कर रहा है। इसी के साथ टेक्नोलॉजी की दुनिया में काफी कॉम्पिटिशन भी बढ़ गया है। ऐसे में हर कोई एक दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहा है। वहीं मार्क जुकरबर्ग भी इस AI की दुनिया के बेताज बादशाह बनने की होड़ में लगे हुए हैं। इसी कारण वह अपने मेटा एआई को आगे बढ़ाने के लिए दिग्गज हस्तियों की भर्तियां भी करनी शुरू कर दी है।अब वही मार्क जुकरबर्ग 24 साल के लड़के के इतने…
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर टिफनी फॉंग ने एक वीडियो से इंटरनेट पर धमाल मचा दिया है, जिसमें उन्होंने अभिनेत्री सिडनी स्वीनी के एक विवादित विज्ञापन को अपने अंदाज में रीक्रिएट किया है। इस विज्ञापन में स्वीनी ने अमेरिकन ईगल के लिए मॉडलिंग की थी।अपने वीडियो में, टिफनी सिर से पैर तक पीले डेनिम पहने दिखती हैं और कहती हैं, ‘मेरे जीन पीले हैं’, और यह भी साफ़ करती हैं कि यहां ‘जीन’ का मतलब जींस (jeans) नहीं, बल्कि जीन (gene) है। वह चॉपस्टिक से चावल खा रही हैं, और अपने वीडियो को अमेरिकी विज्ञापन का एशियाई वर्जन बता रही हैं। MY…
जैसे ही बारिश का मौसम आता है, स्किन को काफी कुछ झेलना पड़ता है। इस मौसम में बार-बार बारिश में भीगने का मन तो करता है, लेकिन इसकी वजह से अक्सर स्किन में चिपचिपापन व पिंपल्स की शिकायत शुरू हो जाती है। मानसून में ह्यूमिडिटी की वजह से ना केवल स्किन पर बहुत अधिक ऑयल बनने लगता है, बल्कि धूल-मिट्टी, बारिश का गंदा पानी और पसीना सब मिलकर चेहरे के पोर्स को बंद कर देते हैं। ऐसे में स्किन में डलनेस के साथ-साथ पिंपल्स, व्हाइटहेड्स व ब्लैकहेड्स आदि की शिकायत का सामना करना पड़ता है।अमूमन इससे निजात पाने के लिए…
कैल्शियम शरीर के लिए जरूरी मिनरल्स में से एक है। यह हड्डियों की मजबूती को बनाए रखने में मददगार है। लेकिन आज के समय में बच्चों से लेकर बड़ों तक कैल्शियम की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में ना केवल जोड़ों में दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है, बल्कि हड्डी के फ्रैक्चर होने का खतरा भी बढ़ जाता है। अमूमन देखने में आता है कि जब शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है तो अधिकतर लोग सप्लीमेंट्स पर ज्यादा निर्भर रहने लगते हैं। हालांकि, अगर आप अपनी डाइट पर ध्यान दें तो शायद आपको सप्लीमेंट्स का…
राखी का मौका हो और मुंह मीठा ना किया जाए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। अमूमन राखी के मौके पर बहनें अपने भाइयों के लिए बाजार से मिठाई खरीदकर ले जाती हैं। यह मिठाइयां ना केवल महंगी होती हैं, बल्कि त्योहारों के दिनों में इनकी क्वालिटी को लेकर भी कुछ नहीं कहा जा सकता है। ऐसे में बाजार की मिठाई को अवॉयड करना ही अच्छा माना जाता है। यूं तो आप घर पर भी कई तरह की मिठाइयां बना सकती हैं, लेकिन अगर आप फिटनेस फ्रीक हैं या फिर भाई के स्वाद के साथ-साथ उसकी सेहत का भी ख्याल…
गर्मियों में हम सभी को अपनी सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। क्योंकि इस मौसम में जरा सी लापरवाही बरतने पर आप बीमार पड़ सकते हैं। गर्मियों में अधिकतर पेट से जुड़ी दिक्कतें होती हैं। अगर पेट साफ नहीं होगा, तो इसका सीधा असर आपके चेहरे से लेकर मुंह तक नजर आएगा। वहीं गर्मियों में शरीर में पानी की कमी होने पर कई बीमारियां बढ़ जाती हैं। इन्हीं में से एक समस्या मुंह में छाले निकलना है। पेट की गर्मी की वजह से मुंह में छाले निकलने लगते हैं। पेट की गर्मी शांत करने का सबसे अच्छा और…
भविष्य में लड़ाई लड़ने के तरीके बदलने वाले हैं। पावरफुल मुल्क बंदूक, तोप, तलवारों या अन्य हथियारों से नहीं, बल्कि मिसाइलो से अतंरिक्ष में बनें ‘स्पेस स्टेशनों’ से योजना बना रहे हैं। सुखद ख़बर यहां ये है कि भारत भी इस योजना से पीछे नहीं हैं। अन्य देशों की ‘मिसाइल अटैक’ वाली मंशाओं की संभावनाओं के बीच भारत ने भी अतंरिक्ष में अपना पैर जमा दिया है। ज्यादा नहीं सिर्फ दशक भर बाद किसी पराए नहीं, स्वयं के स्वनिर्मित ‘अतंराष्टीय स्पेस सेंटर’ में उतरा करेंगे हमारे भारतीय अंतरिक्ष यात्री। इसके लिए भारतीय वैज्ञानिकों की कोशिशें अंतिम चरण में हैं। कुल…
आज की डिजिटल दुनिया में लैपटॉप, स्मार्टफोन और टैबलेट हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में ज्यादातर लोग इन स्क्रीन्स पर अपना अधिकतर समय बिताने लगे हैं। पहले के समय में बच्चे कम से कम आउटडोर गेम्स खेलते थे। लेकिन अब मनोरंजन से लेकर काम तक हर चीज स्क्रीन पर सिमट गई है। लेकिन इस सुविधा का एक निगेटिव पहलू भी है। लंबे समय तक स्क्रीन पर समय बिताने से हमारी आंखों पर ज्यादा दबाव पड़ता है। इसको मेडिकल की भाषा में डिजिटल आई स्ट्रेन या कंप्यूटर विजन सिंड्रोम भी कहा जाता है।हालांकि यह सिर्फ आंखों…
सैमसंग ने इस साल की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं और साथ ही 2025 के दूसरे क्वार्टर के प्लान्स का भी ऐलान किया है। इस साउथ कोरियन टेक कंपनी ने पुष्टि की है कि हाल के बाकी महीनों में कई नए प्रोडक्ट्स लॉन्च किए जाएंगे। इनमें ब्रांड का लंबे समय से चर्चित ट्रिपल फोल्ड स्मार्टफोन और इसका Project Moohan XR हेडसेट शामिल है। कंपनी ने गैलेक्सी एस15 एफई के लॉन्च टाइमलाइन को भी टीज किया है। Q2 2025 की अर्निंग कॉल में, सैमसंग के मोबाइल एक्सपीरियंस डिविजन के वीपी डैनियल अराउजो ने कहा कि गैलेक्सी S25 FE…
प्रतिरूप फोटोSocial MediaKusum । Aug 1 2025 6:36PMअमेरिका में गूगल ने अपने नए Age Assurace Technology की सीमित शुरुआत कर दी है। जिससे अब 18 साल से कम उम्र वाले यूजर्स को ऑनलाइन अनुचित कंटेंट और विज्ञापनों से बचाना होगा। कंपनी ने साल की शुरुआत में इस योजना का ऐलान किया था जिसे अब सीमित यूजर्स के बीच परीक्षण के तौर पर लागू किया गया है।गूगल ने अमेरिका में अपने नए Age Assurace Technology की सीमित शुरुआत कर दी है। जिससे अब 18 साल से कम उम्र वाले यूजर्स को ऑनलाइन अनुचित कंटेंट और विज्ञापनों से बचाना होगा। कंपनी ने…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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