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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
पश्चिम बंगाल में बड़ा विवाद हुआ था जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था जब भीड़ ने जजों को घेर लिया था। बंगाल की कानून व्यवस्था को लेकर पहले से ही कई सवाल उठ रहे थे। अब नया मामला सामने आया है जिसने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। बहस को और भी ज्यादा तेज कर दिया है। पुलिस ने एक भारतीय सेना के ब्रिगेडियर को रोका। शुरुआत में सख्ती दिखाई गई। लेकिन इसके बाद जो हुआ वो बहुत कुछ सिखाता है आम लोगों को। ना कोई गुस्सा, ना कोई बहस, ना कोई भी यहां पर पावर…
It feels like one of our best-kept secrets. (HT Imaging via ChatGPT)The water is running out. And yet we don’t seem very worried.Perhaps one reason is that there seems to be so much of it.To put that in perspective, less than 3% of the water on Earth is freshwater.Earth’s natural desalination programme, the rains, turns some of the vast ocean stores into potable supply, but we force most of that into drains and oceans, by blocking natural aquifers, filling up lakes and wetlands, and encroaching on rivers.Then the battles begin.Countries spar over dams, regions battle over rivers.In Mexico, drought-stricken farmers have…
आईपीएल 2026 के 25वें मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स और गुजरात टाइटंस की भिड़ंत हो रही है। ये मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है। वहीं केकेआर के कप्तान अजिंक्ये रहाणे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। कोलकाता नाइट राइडर्स को अपनी पहली जीत की तलाश है। टीम का आईपीएल 2026 में अभी तक का प्रदर्शन बिल्कुल भी अच्छा नहीं रहा है। वहीं गुजरात टाइटंस भी जीत दर्ज करके पॉइंट टेबल में अपनी स्थिति को सुधारना चाहेगी। फिलहाल गुजरात टाइटंस ने अभी तक 4 मुकाबले खेले हैं जिसमें उसे 2 में जीत जबकि 2…
भारत और चीन ने आपसी जुड़ाव को फिर से बनाने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया है। दोनों देशों ने नई दिल्ली में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) से जुड़े मामलों पर अपनी पहली द्विपक्षीय बातचीत की। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर लंबे समय से चले आ रहे विवाद को सुलझाने की दिशा में जारी प्रयासों के बीच, यह एक और उच्च-स्तरीय बातचीत है। भारत के SCO राष्ट्रीय समन्वयक, राजदूत आलोक ए. डिमरी, और उनके चीनी समकक्ष, राजदूत यान वेनबिन, के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडलों के बीच हुई दो-दिवसीय बातचीत का मुख्य ज़ोर SCO के ढांचे के भीतर दोनों देशों…
भारत ने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की कि उसने 2028 में COP33 जलवायु शिखर सम्मेलन की मेज़बानी के लिए अपनी दावेदारी वापस ले ली है। हालाँकि, इस चौंकाने वाले फ़ैसले के पीछे के कारणों को लेकर अभी भी स्थिति साफ़ नहीं है, और सरकार ने अब तक केवल एक सामान्य स्पष्टीकरण ही दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक साप्ताहिक ब्रीफ़िंग के दौरान कहा कि हाँ, भारत ने अपनी दावेदारी वापस ले ली है। हमने कई बातों को ध्यान में रखा है। लेकिन भारत जलवायु परिवर्तन से जुड़ी अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए…
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने शुक्रवार को आदेश दिया कि खालिस्तानी नेता और खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह को 22 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत उनकी हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद भी असम की डिब्रूगढ़ जेल में ही रखा जाए। यह अंतरिम आदेश 17 मार्च को हुई एक सुनवाई के दौरान आया, जिसमें मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की अध्यक्षता वाली एक पीठ पंजाब सरकार द्वारा दायर एक याचिका की जांच कर रही थी। इस याचिका में सरकार ने अमृतपाल सिंह को कई मामलों के सिलसिले में जिनमें 2023 में अजनाला पुलिस…
झारखंड के हज़ारीबाग़ ज़िले में सुरक्षा बलों के साथ हुई एक मुठभेड़ में चार माओवादी मारे गए। पुलिस ने बताया कि एक गुप्त सूचना मिलने के बाद, केरेडारी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत बटुका जंगल इलाके में यह मुठभेड़ हुई। बरकागाँव के SDPO, पवन कुमार ने कहा, “इस मुठभेड़ में चार माओवादी मारे गए हैं। उनकी पहचान की जा रही है।” उन्होंने बताया कि इस अभियान में कोई भी सुरक्षाकर्मी घायल नहीं हुआ, और कहा कि इस अभियान के बारे में और जानकारी बाद में दी जाएगी।इसे भी पढ़ें: लाल गलियारे का अंत: शाह की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति ने रची…
रात का खाना अगर हल्का, पौष्टिक और स्वाद से भरपूर हो, तो पूरे दिन की थकान मिट जाती है। फिश टैको एक ऐसा ही शानदार विकल्प है जो पेट के लिए हल्का है और इसमें मौजूद प्रोटीन इसे एक हेल्दी डिनर बनाता है। भारतीय मसालों के तड़के के साथ यह डिश न केवल बच्चों को पसंद आएगी, बल्कि बड़ों के लिए भी एक बेहतरीन बदलाव साबित होगी।सामग्रीबोनलेस मछली के टुकड़े (250 ग्राम), नींबू का रस (1 चम्मच), अदरक-लहसुन पेस्ट (1 चम्मच), लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, गरम मसाला, नमक (स्वादानुसार), मक्के या गेहूं की रोटियां (टॉर्चिला), बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरा…
सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) के अधिकारियों के लिए अपनी तरह का पहला लीडरशिप कॉन्फ्रेंस देश की राजधानी में होने जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्रों की अध्यक्षता करने की उम्मीद है। मई में होने वाली इस उच्च-स्तरीय बैठक का मकसद भारत की तेज़ी से बदलती होमलैंड सिक्योरिटी स्थिति के संदर्भ में आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी नई चुनौतियों से निपटना है। न्यूज़ एजेंसी ANI ने इस योजना से जुड़े अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है।इसे भी पढ़ें: Chandrashekhar Birth Anniversary: वो PM जिसने Padyatra से नापी Politics की राह, जानें ‘युवा तुर्क’ Chandrashekhar की कहानीइस…
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि ‘इंडी’ गठबंधन के सदस्यों ने अगर, मगर, किंतु, परंतु का उपयोग करके महिला आरक्षण का विरोध किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि विपक्ष विधेयक के क्रियान्वयन के तरीके का नहीं, महिला आरक्षण का विरोध कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जो परिसीमन का विरोध कर रहे हैं वे एससी-एसटी सीटों में बढ़ोतरी का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन तीन बिलों का उद्देश्य है…पहला: महिला सशक्तिकरण करने वाले संविधान सुधार को समयबद्ध तरीके से लागू कर 2029 का चुनाव महिला आरक्षण के साथ कराया…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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