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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
क्या नेपाल में एक बार फिर से सत्ता परिवर्तन होगा? क्या नेपाल में लोगों का प्रदर्शन यह कह रहा है कि हाल ही में बने बालेन शाह की सरकार मुश्किलों में है। मार्च 2026 में ही बालेन शाह की सरकार बनी लेकिन एक महीना भी पूरी तरह से नहीं बीता कि उनके खिलाफ देश भर में जन आक्रोश देखने को मिल रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौर शुरू हो चुके हैं और विरोध के कई कारण हैं। छात्र संघ भी नाराज हैं। छात्र नाराज है। जिस जेन जेड आंदोलन के बाद बालेन शाह सत्ता में आए अब वही जेन जेड…
केजरीवाल के ‘हनुमान’ ने ही लंका जलाई, सिसोदिया-केजरीवाल की इमरजेंसी मीटिंग, क्या बिखर जाएगी ‘झाड़ू’?
आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए मौजूदा समय किसी ‘राजनीतिक भूकंप’ से कम नहीं है। गुजरात दौरे से लौटते ही पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया सीधे दिल्ली के मुख्यमंत्री और पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुँचे। देर रात हुई इस आधे घंटे की बैठक का मुख्य एजेंडा राज्यसभा के सात कद्दावर सांसदों द्वारा पार्टी छोड़ना और आगामी पंजाब चुनाव से पहले उपजे संकट का समाधान निकालना था। दोनों नेताओं ने पार्टी की भविष्य की रणनीति पर चर्चा की और इस बात पर विचार किया कि अगले साल पंजाब में होने वाले अहम विधानसभा चुनावों से पहले इस संकट…
दुनिया की सबसे बड़ी जियोपॉलिटिकल टेंशन रूस, यूक्रेन वॉर अब अपने पांचवें साल में पहुंचने वाली है और इसका असर सिर्फ युद्ध भूमि तक सीमित नहीं है। इसका असर सीधा अब रूस की अर्थव्यवस्था और खासकर उसके खजाने पर साफ दिखने लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सेंट्रल बैंक ऑफ रशिया ने साल 2026 की शुरुआत में अब तक करीब 22,000 किलोग्राम यानी कि 21.8 टन सोना बाजार में बेच दिया है। इसकी कीमत करीब ₹33,440 करोड़ बताई जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है आखिर पुतिन को इतना बड़ा कदम क्यों उठाना पड़ा? बता दें रूस का बजट घाटा…
जब विकास का पहिया तेजी से घूमता है, तो अक्सर पुरानी इमारतें और जमीनें उसके रास्ते से हट जाती हैं। लेकिन कभी-कभी कुछ इमारतें ‘कील’ (Nail) की तरह अपनी जगह पर ऐसी ठुक जाती हैं कि सरकार और इंजीनियरों को भी अपना रास्ता बदलना पड़ता है। चीन के चर्चित ‘नेल हाउस’ (Nail House) की तर्ज पर अब भारत के उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने 13,000 करोड़ रुपये के ड्रीम प्रोजेक्ट की राह रोक दी है।क्या है चीन का ‘नेल हाउस’ विवाद?चीन के जियांग्शी प्रांत में ये युशौ नाम के एक व्यक्ति…
हाल ही में Reliance Jio ने भारत में Youth and Gaming Plan लॉन्च किया है। ये एक प्रीपेड प्लान है, ये प्लान उन यूजर्स के लिए है जो गेमिंग, स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताते हैं। इस प्लान में रोजाना डेटा बेनिफिट्स के साथ ही कई सारे सब्सक्रिप्शन और क्लाउड स्टोरेज का एक्सेस भी मिलेगा। अनलिमिटेड कॉलिंग और SMS बेनिफिट्स के साथ ही इसमें रेगुलर डेटा यूजर्स के लिए डिजाइन की एंटरटेनमेंट और यूटिलिटी सर्विसेज का भी एक मिक्स शामिल है।Jio Youth and Gaming Plan के फायदे- इस प्लान की कीमत 459 रुपये है, इसकी वैधता 28 दिनों…
अमेरिका ईरान से जंग में है और अब अमेरिका से जुड़ी जो जानकारी सामने आ रही है वह आपको हैरान कर देगी क्योंकि ईरान के खिलाफ तो अमेरिका जो कारवाई कर रहा है वो कर ही रहा है। इसके अतिरिक्त जो ईरान के साथ करेगा वो तो करेगा ही लेकिन अब वो अपने निशाने पर किसी और को नहीं बल्कि नाटो देशों को लेने की तैयारी कर रहा है। दरअसल अमेरिका और स्पेन का टकराव जगजाहिर हो चुका है। स्पेन ने अपने एयर स्पेस का इस्तेमाल नहीं होने दिया। स्पेन ने अपने लड़ाकू बेसिस का इस्तेमाल नहीं होने दिया। कहा…
वैश्विक ऊर्जा बाजार में मचे हड़कंप के बीच अमेरिका ने एक बार फिर अपने सख्त इरादे साफ कर दिए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बुधवार को स्पष्ट किया कि अमेरिका अब ईरानी और रूसी तेल की खरीद पर दी गई किसी भी तरह की छूट (Waivers) को दोबारा लागू नहीं करेगा। यह फैसला वॉशिंगटन की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह प्रतिबंधों के जरिए दुश्मन देशों की आर्थिक कमर तोड़ना चाहता है।इसे भी पढ़ें: AAP का राज्यसभा में अस्तित्व संकट! Raghav Chadha के साथ 7 सांसदों का दावा, मगर BJP के ‘लड्डू’ में अभी सिर्फ तीन?व्हाइट…
जापान ने सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद से चली आ रही अपनी शांतिवादी नीति में ऐतिहासिक बदलाव कर डाला। उसने घातक हथियारों के निर्यात पर लगा बैन पूरी तरह से हटा दिया। प्रधानमंत्री सानेका ईची की कैबिनेट ने यह फैसला लिया कि अब जापान युद्धपोत, लड़ाकू ड्रोन, मिसाइलें, फाइटर जेट्स, हेलीकॉप्टर जो कुछ भी बनाएगा दुनिया को बेच सकेगा। यह बदलाव चीन और उत्तर कोरिया की बढ़ती आक्रमकता के कारण हुआ है। जैसा कि वहां बताया जा रहा है। जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने कहा है कि तेजी से बदलते सुरक्षा परिदृश्य में यह नई नीति जापान…
Gulkand milk combines chilled milk with sweet rose petal preserve, creating a drink that feels soothing and mildly sweet without being heavy. Gulkand is made from rose petals preserved with natural sweeteners and is often used in Ayurvedic drinks. It carries a gentle floral taste and is known for its cooling nature. Gulkand Milk Recipe (Freepik)Gulkand is often linked to reducing body heat, supporting digestion”>supporting digestion, and easing mild acidity. Its natural properties may also help keep the stomach calm and improve overall gut comfort during hot weather.Mixing it with milk creates a smooth drink that works well after a…
देश की दो अलग-अलग अदालतों से एक ही दिन में दो चर्चित केस सामने आए। एक तरफ दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने अरविंद केजरीवाल से जुड़े मामले की सुनवाई से अलग होने से इंकार कर दिया। वहीं दूसरी तरफ इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने राहुल गांधी से जुड़े मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। ऐसे में सवाल उठता है कि जज किसी मामले से खुद को कब और क्यों अलग कर लेते हैं? क्या भारत में केस से हटने माने जुडिशियल रेक्यूजल के लिए कोई खास नियम है क्या? जज ने शराब नीति केस…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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