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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
बिजी लाइफस्टाइल और खराब खानपान के कारण लोगों को अक्सर कई बीमारियां घेर ही लेती है। अगर सेहतमंद रहना चाहते हैं, तो इसके लिए यह जरुरी है कि हमारे शरीर के सभी अंग ठीक से फंक्शन करें। यदि बॉडी में विटामिन्स और मिनरल्स का लेवल सही हो और सभी हार्मोन्स बैलेंस हों। इसके लिए एक हेल्दी जीवनशैली को फॉलो करना भी जरुरी है। लिवर हमारे शरीर का एक जरूरी अंग है। इसका सही ढंग से काम करना हमारी सेहत के लिए बहुत जरूरी है। जब लिवर ढंग से काम नहीं करता, तो शरीर में टॉक्सिंस जमा होने लगते हैं। कई…
लाइफस्टाइल और खानपान में होने वाली गड़बड़ी ने हमारे स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। वहीं पर्यावरणीय स्थितियों ने दोहरी मार दी है। भारत में वायु प्रदूषण एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। वहीं कोरोना के बाद तेजी से बढ़ने वाले प्रदूषण की स्थिति को वैज्ञानिकों ने गंभीर स्वास्थ्य संकट बताया था। वायु प्रदूषण के अलावा वातावरण में बढ़ते माइक्रो और नैनोप्लास्टिक के लेवल ने भी चिंता को बढ़ाया है।कई अध्ययनों से यह पता चलता है कि प्लास्टिक के छोटे कण हमारी शरीर में जमा होकर गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकते हैं। वहीं रोजाना इस्तेमाल…
आमतौर पर कई घरों में आज भी लोग कैमिकल युक्त साबुन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन साबुन का इस्तेमाल करने से ड्राई स्किन, एलर्जी होना और त्वचा संबंधित अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए लोगों को कैमिकल युक्त साबुन का यूज करने से बचना चाहिए। अब आप बड़े ही आसान से तरीके से अपने घर पर ही नेचुरल हर्बल साबुन बना सकती हैं। अब आप घर पर ग्लिसरीन, हल्दी और एलोवेरा जैसी औषधीय गुणों से भरपूर आयुर्वेदिक चीजों की मदद से साबुन बना सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे बनाएं हर्बल साबुन।हर्बल साबुन के लिए इंग्रेडिएंट्स -…
लोहड़ी के त्योहार बेहद नजदीक आ चुका हैं। ऐसे में महिलाएं काफी कन्फ्यूज इस बार लोहड़ी पर्व पर क्या पहनें। अगर आप इस पर्व की उत्साहपूर्वक से सेलिब्रेट करना चाहती हैं, तो आप लोहड़ी पर ट्रेडिशनल और एथनिक आउटफिट पहन सकते हैं ये डिजाइनर पटियाला सूट। आप भी इस साल लोहड़ी पर कुछ लेटेस्ट सूट डिजाइंस को ट्राई कर सकती हैं। आइए आपको इन सूट डिजाइंस के बारे में-लैवेंडर कलर पटियाला सूट अगर आप भी लोहड़ी के खास मौके पर सबसे अलग और आकर्षक दिखना चाहती हैं, तो अपने लिए परफेक्ट आउटफिट चुनना जरूरी है। इस अवसर के लिए लैवेंडर…
टीचिंग या नॉन-टीचिंग जॉब की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, दिल्ली की अंबेडकर यूनिवर्सिटी ने कई पदों पर वैकेंसी निकाली है। इन पदों में लाइब्रेरियन, प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और असिस्टेंट लाइब्रेरियन समेत कई पदों पर आवेदन चल रहा है। बता दें कि टीचिंग और नॉन टीचिंग दोनों पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। ऐसे में आवेदन के इच्छुक और योग्य उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।कौन कर सकता है अप्लाईअंबेडकर यूनिवर्सिटी ने अपने 13 स्कूलों में विभिन्न स्ट्रीम में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती…
सरकारी नौकरी की चाहत रखने वालों के लिए यह खबर बेहद काम की है। दरअसल, उत्तर प्रदेश पुलिस में 32 हजार ज्यादा पदों पर आवेदन प्रक्रिया चालू है। हाल ही में सीएम योगी आदित्यनाथ ने एज लिमिट में छूट देने के लिए उम्मीदवारों को लेकर नए नियमों लागू किए है। अब इन नियमों को लेकर आप परेशान हैं, तो जान लें कि भर्ती में लगने वाले जरुरी डॉक्यूमेंट्स भी रेडी करवाने होंगे। ऐसे में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने आयुसीमा से संबंधित नया नोटिस जारी किया है। इसमें कैटेगिरी वाइज एज लिमिट जन्मतिथि के मुताबिक बताई…
सर्दियों का मौसम शुरू होते ही हर कोई हरे पत्तेदार सब्जियां खाना अधिक पसंद करते हैं। इस कारण घरों में हरी पत्तेदार सब्जियां ज्यादा देखने को मिलती हैं। कई बार हरी सब्जियों का साग बनाया जाता है, तो कभी इनकी सब्जियां बनाई जाती है। ऐसे में आप चाहें तो इस वीकेंड बथुआ का झोर बनाकर तैयार कर सकती हैं। जब आप इस डिश को बनाकर घर के लोगों को सर्व करेंगी, तो इसको खाने के बाद आपका परिवार भी खुश हो जाएगा।आपकी फैमिली इसको खाकर बार-बार इसे बनाने को कहेंगे। बता दें कि यह रेसिपी पहाड़ों में ज्यादा खाई जाती…
नया स्मार्टफोन खरीदते समय सबसे ज्यादा ध्यान किस चीज़ पर जाता है? ज़्यादातर लोग बैटरी लाइफ पर फोकस करते हैं। फोन कंपनियां भी इसे खूब प्रमोट करती हैं और बड़े-बड़े आंकड़े देती हैं – जैसे कि 5,000mAH, 7,000mAH या यहां तक कि 7,500mAH की बैटरी। ऐसे आंकड़े देखकर आम लोग यह मान बैठते हैं कि जितनी बड़ी बैटरी, उतनी लंबी चलने वाली बैटरी लाइफ। लेकिन क्या यह सच है?सच्चाई यह है कि 2025 में स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ सिर्फ mAH यानी बैटरी क्षमता पर निर्भर नहीं करती। यह कई और फैक्टर्स पर निर्भर करती है – जैसे फोन कितनी पावर…
जैसे-जैसे तकनीकी बढ़ती जा रही हैं वैसे ही ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले भी नए-नए तरीके अपनाने में लग जाते हैं और टेक्सट मैसेज आज भी उनकी सबसे पसंदीदा चाल में से एक है। कभी बैंक से जुड़ा फर्जी अलर्ट, तो कभी अकाउंट ब्लॉक होने की धमकी। अक्सर इस तरह के मैसेज यूजर को डराकर जल्दबाजी में गलत कदम उठाने पर मजबूर हो जाते हैं। इसी खतरे को देखते हुए Google ने Android फोन में अपने Circle to Search फीचर को एक अहम सेफ्टी अपडेट दिया है।क्यों पहचानना मुश्किल हो गए हैं स्कैम मैसेजपहले नकली मैसेज में भाषा की गलतियां और…
अंतर्राष्ट्रीय जगत में आर्थिक और तकनीकी दृष्टिकोण से संपन्न अमेरिका अपनी ‘डीप स्टेट खलनीति’ के बल पर दुनिया का दादा बन चुका है। चूंकि जी-7 के देश उसके मजबूत हाथ हैं, इसलिए ब्रिक्स देशों की औकात उससे खुलेआम उलझने की आजतक नहीं बन पाई है। आखिर पहले भारत के पास-पड़ोस में, फिर ईरान में और अब बेनेज़ुएला के दास्तान जो चुगली कर रही हैं, उसके वैश्विक मायने तो यही हैं। अब अगला नम्बर शायद कम्बोडिया का आएगा, जिसे ट्रंफ ने ताजा धमकी दी है।देखा जाए तो मेक अमेरिका ग्रेट अगेन के स्वप्नद्रष्टा डॉनल्ड ट्रंफ उनकी मुद्रा को चुनौती दिलवाने वाले,…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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