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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
ईरान के चाबहार बंदरगाह को लेकर भारत सरकार ने साफ किया है कि वह इस मुद्दे पर अमेरिका के लगातार संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि चाबहार से भारत के पीछे हटने की खबरें सही नहीं हैं। प्रवक्ता ने बताया कि 25 अक्टूबर 2005 को अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने ईरान से जुड़े कुछ प्रतिबंधों में छूट दी थी। यह छूट 26 अप्रैल 2026 तक वैध है।भारत इसी व्यवस्था के तहत अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहा है। हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत ने चाबहार से…
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति में उथल पुथल मचा दी है। इस बार विवाद का केंद्र बना है ग्रीनलैंड। ट्रंप ने संकेत दिया है कि दुनिया के जो देश ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की रणनीति का समर्थन नहीं करेंगे, उन पर अमेरिका भारी टैरिफ लगा सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की सक्रियता तेजी से बढ़ रही है और अमेरिका वहां अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उनका तर्क…
आयुर्वेद में भृंगराज को सदियों से बालों की समस्याओं का रामबाण माना जाता है। यह आज भी अपनी अद्भुत शक्तियों के लिए जाना जाता है। दादी-नानी के जमाने में लोग भृंगराज की पत्तियां तोड़कर लाते और उनसे तेल बनाते थे। लेकिन आज भी आप इसको आसानी से अपने घर के बगीचे में उगा सकती हैं। बता दें कि भृंगराज तेल में मौजूद पोषक तत्व बालों को अंदर से मजबूत बनाने का काम करता है और बालों को झड़ने से रोकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको घर पर भृंगराज तेल बनाने और इसके इस्तेमाल के तरीके…
हर महिला अक्सर परेशान रहती है सुबह नाश्ते में क्या बनाएं। कई बार तो यह सोचने में घंटे लग जाते हैं कि क्या ब्रेकफास्ट में बनाएं। जब कुछ समझ नहीं आता तो लोग पास्ता, पराठा या पोहा बनाकर काम चलाते हैं, लेकिन अब वीकेंड को खास बनाना चाहते हैं, तो कुछ नया और अलग बनाने को करता है। वीकेंड को खास बनाने के लिए घर पर ही कुछ चटपटा और कुरकुरा खाने का जरुर बनाएं। अब इस वायरल रेसिपी को जरुर ट्राई करें। ‘कानपुर की खास पकौड़ी’ को आप ब्रेकफास्ट में जरुर बनाएं। आइए आपको बताते हैं इसे कैसे बनाएं।आलू-पोहा…
किसी भी कपल के रिश्ते को इंटिमेसी मजबूत करता है। फिजिकल इंटिमेसी के पल किसी भी कपल के लिए बेहद खास होते हैं। इंटिमेसी से कपल फिजिकली, इमोशनली और मेंटली दोनों करीब आते हैं। हालांकि महिला और पुरुषों दोनों के लिए इंटिमेसी को समझने का तरीका थोड़ा अलग हो सकता है। लेकिन यह दोनों के लिए जरूरी है। लंबे समय तक फिजिकल रिलेशन न बनाने की वजह से महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं। इससे फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर भी बुरा असर हो सकता है।वहीं इंटिमेसी के बाद महिला के शरीर में कई पॉजिटिव बदलाव आते…
नोबेल पुरस्कार को लेकर है क्योंकि वेनेजुएला की विपक्ष की नेता हैं मारिया मचाडो उन्होंने अपना नोबेल ट्रंप को क्या दिया इसको लेकर चर्चा होने लगी कि क्या नोबेल पुरस्कार जो है वो किसी और को दिया जा सकता है । नॉर्वे की नोबेल समिति ने शुक्रवार को कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार केवल आधिकारिक तौर पर इसे प्राप्त करने वाले व्यक्ति से ही जुड़ा रहता है, यह बात वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो द्वारा व्हाइट हाउस की यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को अपना 2025 का शांति पुरस्कार पदक भेंट करने के बाद कही गई।…
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों की रफ्तार, जिसने अंतरराष्ट्रीय तनाव को बढ़ा दिया था, अब धीमी पड़ती दिख रही है। देश से अशांति की कोई नई रिपोर्ट या वीडियो सामने नहीं आई है, जहां कई दिनों से संचार पूरी तरह ठप है। पिछले साल दिसंबर के अंत से शुरू हुए इन प्रदर्शनों पर ईरानी सरकार की कार्रवाई में कथित तौर पर कम से कम 3,000 लोग मारे गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा हस्तक्षेप की कई चेतावनियाँ जारी करने और दुनिया भर के अन्य नेताओं द्वारा शांति के आह्वान के बाद, हालांकि जरूरी नहीं कि इसके कारण ही, ईरान…
ईरान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बीच, छात्रों और तीर्थयात्रियों सहित कई भारतीय नागरिक शुक्रवार देर रात नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। ईरान में अस्थिरता को देखते हुए भारतीय सरकार द्वारा वहां मौजूद अपने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह दिए जाने के बाद ये आगमन हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहा है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।इसे भी पढ़ें: Iran crisis : पुतिन ने नेतन्याहू और पेजेश्कियान से बात कीईरान से लौटे एक भारतीय नागरिक ने…
मोहल्ले का वह शख्स जो कल तक राशन के लिए उधार मांग रहा था। आज अचानक बाउंसर्स के साथ घूम रहा है और अत्याधुनिक हथियार बेचने की दुकान खोल ली है। ये बात पाकिस्तान की हो रही है। जो देश कल तक आईएमएफ की किस्तों पर टिका हुआ था वो अब अरब जगत में एक डिफेंस पावर हाउस बनने की राह पर है। ऐसा क्या हो गया कि पाकिस्तान अपने जेएफ17 फाइटर इतनी तेजी से बेच रहा है कि अब उसे आईएमएफ के लोन की भी जरूरत नहीं है। दरअसल, दक्षिणी पूर्वी एशिया का सबसे बड़ा देश है इंडोनेशिया जो…
मिनेसोटा की एक न्यायाधीश ने शुक्रवार को फैसला सुनाया कि मिनियापोलिस क्षेत्र में हाल में हुए अमेरिका के सबसे बड़े आव्रजन प्रवर्तन अभियान में शामिल संघीय अधिकारी शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में नहीं ले सकते और न ही उन पर आंसू गैस छोड़ सकते हैं। आदेश के अनुसार, उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की जा सकती जो सड़कों पर खड़े होकर अधिकारियों को कार्रवाई करते हुए केवल देखते हैं। अमेरिकी जिला न्यायाधीश केट मेनेंडेज ने दिसंबर में मिनेसोटा के छह कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में यह फैसला दिया। दिसंबर की शुरुआत से ही…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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