असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार ने भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों के राहत एवं पुनर्वास के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता मांगी है। राज्य सरकार ने अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (आईएमसीटी) के समक्ष अपनी मांग रखी। इस दल ने बुधवार को ऊपरी असम के बाढ़ प्रभावित जिलों का अपना चार दिन का दौरा संपन्न किया था।
शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस साल आई बाढ़ अभूतपूर्व है और इसने भारी तबाही मचाई है। हमारी डबल इंजन सरकार लोगों की परेशानी को कम करने के लिए काम करेगी।’’
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ऊपरी असम में आई बाढ़ को ‘‘असामान्य ’’ करार देने की मांग की है, साथ ही नुकसान के आकलन और मदद के लिए लचीले नियमों की भी मांग की है। शर्मा ने कहा कि इसमें शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट के लिए एक ‘‘खास केंद्रीय सहायता पैकेज’’ की मांग की गई, जिसमें राहत, आवास, अवसंरचना और आजीविका को फिर से बहाल करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि असम ने पूर्वोत्तर में आपदा जोखिम कम करने के लिए एक तंत्र बनाने की भी मांग की, ताकि असम और सात पड़ोसी राज्यों में आपदा प्रबंधन के सभी चरणों में क्षेत्रीय तालमेल को मजबूत किया जा सके। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि राज्य ने इस पैकेज के तहत केंद्र से कितने पैसे मांगे हैं। असम के ज्यादातर इलाकों में बाढ़ का पानी उतर जाने के बावजूद, बृहस्पतिवार को राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही।
बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है और तीन लाख से ज़्यादा लोग अभी भी इस आपदा का सामना कर रहे हैं। शर्मा ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आश्वासन के मुताबिक, आईएमसीटी ने जमीनी हालात का जायजा लेने और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा करने के लिए राज्य का दौरा किया। उन्होंने कहा, ‘‘समीक्षा के दौरान, (केंद्रीय) दल को अहम बुनियादी ढांचे, खेती और आजीविका को हुए भारी नुकसान के बारे में जानकारी दी गई।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हालात से बेहतर ढंग से निपटने के लिए, असम ने केंद्र और केंद्र-प्रायोजित योजनाओं के तहत कागजी कार्रवाई और पात्रता के नियमों में ढील देने की मांग की, ताकि प्रभावित परिवारों को बिना किसी परेशानी के मदद मिल सके।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें भरोसा है कि केंद्रीय दल जमीनी हकीकत और हमारे हितों को ध्यान में रखेगा तथा उसी के अनुसार केंद्र को जानकारी देगा।’’
केंद्रीय गृह मंत्री ने बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को असम के मुख्यमंत्री को फोन किया था। शाह ने सात दिन में दूसरी बार शर्मा को फोन किया था। केंद्रीय मंत्री ने शर्मा को केंद्र से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया था।
