मुंबई, एक अक्टूबर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की बृहस्पतिवार को मांग की और आगाह किया कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे तथा अक्टूबर के अंत से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन किया जायेगा। दीपके ने कहा कि कॉजपा छह अक्टूबर को निर्वाचन आयोग के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन में शामिल नहीं होगी और यह एक स्वतंत्र आंदोलन रहेगा। दीपके ने यहां मुंबई प्रेस क्लब में कहा कि कॉजपा मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर दो अक्टूबर को शहर के दादर इलाके के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘ज्ञानेश कुमार देशद्रोही हैं। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए और उनके खिलाफ आपराधिक मामला चलना चाहिए।’’
मुंबई पुलिस द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर दीपके ने सवाल किया कि अगर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शिवाजी पार्क में राजनीतिक रैली कर सकते हैं, तो कॉजपा वहां प्रदर्शन क्यों नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है और वह तीन महीने तक जेल में रहने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने यह बात फडणवीस की उस चेतावनी के संदर्भ में कही, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रदर्शनकारियों को यह नहीं भूलना चाहिए कि अगर उन्हें गिरफ्तार किया गया, तो जमानत मिलने में तीन दिन लगेंगे। दीपके ने कहा, ‘‘मैं जेल जाने से नहीं डरता। मैं बार-बार प्रदर्शन करने के लिए वापस आऊंगा।’’
उन्होंने कहा कि जब तक कुमार इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक प्रदर्शन जारी रहेंगे।
दीपके ने कहा, ‘‘गोवा, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में प्रदर्शन किए जाएंगे। अगर वह इस्तीफा नहीं देते हैं, तो अक्टूबर के अंत से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जायेगा।’’
छह अक्टूबर को निर्वाचन आयोग के खिलाफ विपक्षी सांसदों के प्रस्तावित प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर दीपके ने कहा कि कॉजपा किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं होगी। दीपके ने कहा, ‘‘लेकिन मैं ‘इंडिया’ गठबंधन के प्रयासों की वास्तव में सराहना करता हूं।
हर भारतीय को चुनाव में धांधली के बारे में बोलना चाहिए और ‘इंडिया’ गठबंधन को भी ऐसा करना चाहिए।’’
उन्होंने यह मांग भी की कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर नियुक्ति पारदर्शी ढंग से होनी चाहिए और इसमें नागरिक समाज की भागीदारी भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2025 की मतदाता सूची में ‘‘आगे कोई बदलाव नहीं किया जाना चाहिए’’। दीपके ने सवाल किया, ‘‘अब कोई भरोसा नहीं रह गया है।
लोकतंत्र में जनता सरकार चुनती है। लेकिन अब देश कैसे चलाया जा रहा है? सरकार यह तय कर रही है कि मतदाता कौन होंगे।
यह कैसा लोकतंत्र है?’’
कई विपक्षी दलों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की आलोचना की है और उनके इस्तीफे की मांग की है। विपक्षी दलों ने यह मांग तब की जब कुछ दिनों पहले ही अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर में दावा किया गया था कि निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने देशभर में मतदाता सूची के ‘एसआईआर’ के दौरान नाम जोड़े और हटाए जाने समेत कई मुद्दों पर आपत्तियां जताई थीं। निर्वाचन आयोग ने हालांकि एक बयान में स्पष्ट किया था कि तीन सदस्यीय आयोग ने एसआईआर समेत सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए हैं।
इस बीच रेलवे ने दो अक्टूबर को शिवाजी पार्क में प्रस्तावित कॉजपा के प्रदर्शन के मद्देनजर दादर स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी और अतिरिक्त वाणिज्यिक कर्मचारियों को तैनात किया। महानगर में पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे के नेटवर्क का हिस्सा दादर देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है और प्रतिष्ठित शिवाजी पार्क के सबसे नजदीक है। मध्य रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा कि प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों समेत लगभग 40 अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
