ग्रेनाइट कारोबारी आर. वीरामाणि के खिलाफ बाल यौन शोषण मामले की जांच कर रही एसआईटी ने सोमवार को एक नाबालिग लड़की की मां की शिकायत के बाद उसके खिलाफ पोक्सो अधिनियम के तहत एक और मामला दर्ज किया। चेन्नई नगर पुलिस ने यह जानकारी दी। चेन्नई नगर पुलिस ने बताया कि नाबालिग लड़की की मां 28 सितंबर को एसआईटी अधिकारियों के सामने पेश हुईं और शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर एक नया मामला दर्ज किया गया है एवं जांच शुरू की गई है।
वीरामणि और अन्य लोगों के खिलाफ बच्चों का यौन शोषण से संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज यौन शोषण के मामले की व्यापक जांच करने के लिए तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक महेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था जिसमें सभी सदस्य महिलाएं हैं। चेन्नई पुलिस ने एक विज्ञप्ति में लोगों से अपील की है कि अगर उनके पास कोई जानकारी, दस्तावेज या सबूत हों तो वे उन्हें साझा करें या ज़रूरत पड़ने पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके लिए वे 9345319676 नंबर पर फ़ोन कॉल या ‘व्हाट्सऐप’ के ज़रिए जांच करने वालों से संपर्क कर सकते हैं।
पुलिस ने यह भी कहा कि जानकारी देने वालों की पहचान और सूचना पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी तथा पुष्टि होने के बाद तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने वीरामणि द्वारा 12-16 साल की नाबालिग लड़कियों के कथित यौन शोषण का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने कहा है कि उसकी जांच टीम इस मामले की ज़मीनी स्तर पर जांच करने के लिए चेन्नई जाएगी।
शुक्रवार को एक पोक्सो अदालत ने वीरामणि की न्यायिक हिरासत नौ अक्टूबर तक बढ़ा दी। वह 29 अगस्त से न्यायिक हिरासत में है और उसकी मौजूदा रिमांड की अवधि शुक्रवार को खत्म होने वाली थी। वीरामणि पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण का आरोप है।
इस बड़े उद्योगपति और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले ने पूरे तमिलनाडु में हलचल मचा दी है; सभी राजनीतिक दलों और नागरिक संस्था ने इस अपराध के दोषियों को कड़ी सज़ा देने की मांग की है।
