भारत ने बुधवार को ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) के कॉन्टैक्ट ग्रुप की ओर से जम्मू-कश्मीर के बारे में की गई बातों को सख्ती से खारिज कर दिया। भारत ने कहा कि ग्रुप को पाकिस्तान को मंच देने के बजाय उसे सलाह देना बेहतर होगा। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बयान में कहा कि इस समूह को भारत के पूरी तरह से आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। मंत्रालय ने OIC की ओर से जम्मू-कश्मीर के बारे में की गई बातों को बेवजह और तथ्यों के लिहाज़ से गलत बताया। MEA ने कहा कि OIC को भारत के पूरी तरह से आंतरिक मामलों पर कोई राय देने का अधिकार नहीं है। मंत्रालय ने फिर से दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र-शासित प्रदेश भारत का अहम और अटूट हिस्सा हैं। यह बयान तब आया जब न्यूयॉर्क में चल रहे संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान जम्मू-कश्मीर पर OIC कॉन्टैक्ट ग्रुप की बैठक हुई।
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भारत ने OIC की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए
विदेश मंत्रालय ने कहा कि जिसे उसने राजनीति से प्रेरित प्रोपेगैंडा कहा। उसे बार-बार समर्थन देने से OIC की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के प्रेरित नैरेटिव को बार-बार समर्थन देने से OIC की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार ज़िक्र करके जम्मू-कश्मीर का दर्जा बदलने की कोशिशों को भी खारिज कर दिया। OIC कॉन्टैक्ट ग्रुप में अज़रबैजान, पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब और नाइजर शामिल हैं। इस ग्रुप ने मंगलवार को न्यूयॉर्क में बैठक की और कश्मीरी लोगों के आत्म-निर्णय के अधिकार के प्रति अपना समर्थन दोहराया।
