Prabhasakshi
राजस्थान में 273 नगर निकायों के प्रमुखों के चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का कहना है कि पार्षदों पर दबाव बनाने के लिए राजस्थान और हरियाणा पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। विपक्षी नेताओं ने तिजारा के पार्षदों को रोके जाने और पूर्व विधायक को हिरासत में लेने की घटना की आलोचना की।
राजस्थान में नगर निकायों के प्रमुखों के चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर नवनिर्वाचित पार्षदों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस, प्रशासन व अन्य सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। गहलोत ने एक बयान में कहा, ‘‘भाजपा अब लोकतंत्र की हत्या में सिर्फ राजस्थान पुलिस को ही नहीं, हरियाणा पुलिस को भी शामिल कर चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हनुमानगढ़ में निर्दलीय विधायक की गिरफ्तारी, प्रदेशभर में कई कांग्रेस पार्षदों को पुलिस-एसीबी के नोटिस और धमकियां, यह सब कम नहीं था कि अब तिजारा के कांग्रेस पार्षदों को हरियाणा के पंचकूला में रोक लिया गया और पूर्व विधायक संदीप यादव को गुड़गांव में बिना किसी कारण हिरासत में ले लिया गया।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जनता द्वारा चुने हुए पार्षदों को पुलिस के दम पर रोकना और बंधक बनाना दिखाता है कि यह चुनाव नहीं, जनता के जनादेश पर खुला कब्जा है।’’
नेता प्रतिपक्ष जूली ने भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘तिजारा में नगर निकायों का बोर्ड बनाने के लिए भाजपा इस कदर गिर चुकी है कि जनता द्वारा चुने हुए कांग्रेस पार्षदों को हरियाणा पुलिस ने रात से दादागीरी से रोक रखा है।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस के पार्षदों को बंधक बनाकर चंडीगढ़ के जंगलों में ले जाया गया है। पूर्व विधायक संदीप यादव को सात घंटे तक हरियाणा पुलिस द्वारा रोककर रखा गया।’’
जूली ने कहा, ‘‘भाजपा जनादेश में हार चुकी है और अपनी हार की बौखलाहट में प्रदेश और पड़ोसी प्रदेशों की पुलिस और प्रशासन को आगे कर लोकतंत्र का चीरहरण कर रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जनादेश को लूटने का ऐसा उदाहरण कहीं नहीं मिलेगा।’’
राज्य में 273 नगर निकायों में सभापति व अध्यक्ष पद के लिए सोमवार को चुनाव हो रहा है। पांच निकायों में अध्यक्ष पदों के लिए 25 सितंबर को चुनाव होगा, वहीं 32 निकायों में अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है।
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