बदलते मौसम के समय काफी लोगों को त्वचा पर दाद, खाज और खुजली की समस्या देखने को मिलती है। आमतौर पर दाद और खुजली फंगल इंफेक्श के कारण होते हैं। इससे स्किन पर लाल चकते, तेज खुजली और जलन देखने को मिलती है।
आयुर्वेद में कई ऐसे प्राकृतिक उपाय है, जो इस परेशानी से राहत दिलाते हैं। आइए आपको बताते हैं आयुर्वेद के कुछ पत्तों के बारे में, जो कि स्किन के संक्रमण को शांत करने में काफी मदद करते हैं।
दाद और खुजली से राहत दिलाने वाले 3 आयुर्वेदिक पत्ते
नीम के पत्ते
नीम को आयुर्वेद को स्किन संबंधित सबसे बेस्ट औषधि मानी जाती है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण देखने को मिलते हैं।
– इस्तेमाल करने के कारण- यह संक्रमण पैदा करने वाले फंगस के खत्म करता है और त्वचा की सूजन को कम करता है।
कैसे इस्तेमाल करें?- नीम की ताजा पत्तियों को धोकर पीस लें और पेस्ट बना लें। अब इसमें थोड़ा नारियल तेल या चुटकी भर हल्दी मिलाकर प्रभावित जगह पर लगाएं और इसे सूखने दें।
तुलसी के पत्ते
इसमें अधिक मात्रा में यूजेनॉल नामक तत्व और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण देखने को मिलते हैं, जो कि स्किन संबंधित समस्याओं को जड़ से खत्म करता है।
उपयोग का कारण- तुलसी का रस त्वचा पर लगाने से भयंकर खुजली, लालिमा और जलन में आराम पहुंचाता है।
इस्तेमाल करने का तरीका- सबसे पहले आप तुलसी की पत्तियों को मसलकर उनका रस निकाल लें। इस रस को दिन में 2 से 3 बार दाद वाले स्थान पर हल्के हाथों से लगाएं।
करी पत्ते
करी पत्ता का इस्तेमाल सिर्फ खाने के लिए नहीं, बल्कि त्वचा के लिए भी बेहद खास माना जाता है।
उपयोग का कारण- करी पत्ता में पाए जाने वाले गुण, फंगस को पनपने से रोकते हैं और त्वचा की सफाई करते हैं।
– इस्तेमाल का तरीका- करी पत्तों को पीसकर पेस्ट बना लें और इसे खुजली वाली स्थान पर 15 से 20 मिनट के लिए लगा लें। अब इसको साफ पानी से धो लें।
