मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने देश के विभिन्न हिस्सों में विस्तार की योजना बनाई है। कंपनी तेलंगाना, केरलम, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में रणनीतिक अवसरों का मूल्यांकन कर रही है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने पर उसका जोर है।
कंपनी कृत्रिम मेधा (एआई) की अगुवाई में ‘भौतिक के साथ डिजिटल’ स्वास्थ्य सेवा मॉडल पर भी ध्यान दे रही है। कंपनी की वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि मणिपाल हॉस्पिटल्स कर्नाटक, महाराष्ट्र और गोवा, विशेष रूप से मुंबई-पुणे आर्थिक गलियारे के साथ-साथ पूर्वी भारत में भी अधिग्रहण के अवसर तलाश रही है। पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और सिक्किम शामिल हैं।
मुंबई में समूह की प्रमुख आगामी परियोजनाओं में जुहू का नया अस्पताल शामिल है। इस परियोजना के लिए कंपनी ने हाल ही में शेष जमीन और भवन का अधिग्रहण किया है। इसके लिए कुल 495 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, जिसमें से 130 करोड़ रुपये कुछ निर्धारित शर्तों के पूरा होने पर देय हैं।
प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी कंपनी बड़े बदलाव कर रही है। मणिपाल हॉस्पिटल्स अपने नेटवर्क में एकीकृत हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एचआईएस) का विस्तार कर रही है, जिससे क्लिनिकल, डायग्नोस्टिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को एक ही मंच से जोड़ा जा सकेगा। कंपनी 24 अस्पताल में एआई आधारित नर्सिंग हैंडओवर प्रणाली शुरू कर चुकी है और वायरलेस मरीज निगरानी प्रणाली में भी निवेश कर रही है।
कंपनी कॉल सेंटर की सेवाओं को भी एआई आधारित चैट, वॉयस और ओम्नीचैनल असिस्टेंट के जरिये स्वचालित करने की दिशा में काम कर रही है। इससे मरीजों की शुरुआती पूछताछ और ‘अपॉइंटमेंट’ संबंधी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन भी मजबूत रहा।
इस दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व 25.4 प्रतिशत बढ़कर 10,336 करोड़ रुपये हो गया, जबकि कर-पूर्व-आय 2,644 करोड़ रुपये रही। इस दौरान कंपनी ने महाराष्ट्र के सह्याद्री हॉस्पिटल्स और पूर्वी भारत के मेडिका सिनर्जी का सफल एकीकरण भी पूरा किया। मणिपाल हेल्थ के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) दिलीप जोस ने कहा कि कंपनी की अगले चरण की पहचान केवल नई क्षमता जोड़ने से नहीं, बल्कि कर्मचारियों, चिकित्सकीय विशेषज्ञता, तकनीकी मंच और एकीकृत नेटवर्क की सामूहिक क्षमता का प्रभावी इस्तेमाल करने से होगी।
दीर्घावधि की क्षमता विस्तार योजना के तहत मणिपाल हेल्थ का लक्ष्य वर्ष 2030 तक करीब 2,426 लाइसेंस प्राप्त बिस्तर जोड़ना है। 31 मार्च, 2026 तक मणिपाल हेल्थ के नेटवर्क में 14 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 49 अस्पताल तथा 13,037 बिस्तर थे।
