दिल्ली सरकार ने अग्नि सेवा नियमों में संशोधन करते हुए इमारतों के लिए आग से बचाव और सुरक्षा के व्यापक न्यूनतम मानक तय किए हैं। इनमें आग को रोकने वाले उपकरण, घटनास्थल तक निर्बाध पहुंच, आपातकालीन बिजली व्यवस्था और अलग अग्नि नियंत्रण कक्ष जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। दिल्ली सरकार के गृह विभाग द्वारा 28 अगस्त को अधिसूचित दिल्ली अग्निशमन सेवा (संशोधन) नियम, 2026 के अनुसार इमारतों पर लागू होने वाले न्यूनतम सुरक्षा मानक उनकी ऊंचाई और उपयोग की श्रेणी के आधार पर तय होंगे तथा ये भवन उपनियमों के तहत नियंत्रित होंगे।
नियमों में यह संशोधन हाल के महीनों में दिल्ली में आग लगने की घटनाओं के बाद किया गया है। इनमें जून में मालवीय नगर के एक होटल में लगी आग भी शामिल है, जिसमें 23 लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में ज्यादातर विदेशी नागरिक थे।
संशोधित नियमों के अनुसार, जिन इमारतों के लिए भवन उपनियमों में आग से बचाव और सुरक्षा उपायों का उल्लेख नहीं है, वहां दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के निदेशक मालिकों या उपयोगकर्ताओं को अग्नि सुरक्षा शाखा द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार अतिरिक्त उपाय अपनाने के लिए कह सकते हैं। संशोधित नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि सरकार विशेष क्षेत्रों में स्थित कुछ श्रेणी की इमारतों या भवन उपयोग की विशेष श्रेणियों के लिए कुछ आवश्यकताओं में छूट दे सकती है, उनमें बदलाव कर सकती है या उन्हें हटा सकती है। ये नियम उस तारीख से लागू होंगे, जिस दिन दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा संशोधित एकीकृत भवन उपनियम (यूबीबीएल)-2016 को अधिसूचित किया जाएगा।
