वाशिंगटन, 29 जुलाई (एपी) अमेरिकी सेना ने कहा कि ईरान ने मंगलवार को पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी बलों पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं जिन्हें उनके लक्ष्य पर पहुंचने से पहले की रोक दिया गया। इन हमलों से युद्ध में आया कुछ समय का विराम खत्म हो गया। ये हमला ऐसे समय में हुए हैं जब मध्यस्थ, दोनों पक्षों को फिर से बातचीत की मेज पर लाने और युद्धविराम की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे।
‘यूएस सेंट्रल कमांड’ ने एक बयान में कहा कि ईरान की सभी मिसाइलों को उनके लक्ष्य पर पहुंचने से पहले ही बीच में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। उसने कहा कि अमेरिकी बल ‘‘सतर्क हैं और पूरी तरह तैयार हैं।’’
अमेरिका और ईरान के बीच कुछ समय से शांति थी तथा दोनों देशों ने कुछ दिनों से किसी हमले की घोषणा नहीं की थी जबकि इससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कई सप्ताह तक तनाव लगातार बढ़ता रहा था। फारस की खाड़ी के इस संकरे समुद्री मार्ग से सामान्य तौर पर दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती है।
इस बीच, अमेरिकी सेना ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और सऊदी अरब की सेनाओं ने इराक में उन ठिकानों पर संयुक्त रूप से हवाई हमले किए जिनका इस्तेमाल ईरान समर्थित सशस्त्र समूह हाल के दिनों में हमलों को अंजाम देने के लिए कर रहे थे। ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ (सेंटकॉम) ने एक बयान में कहा, ‘‘पिछले 72 घंटों में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के निर्देश पर किए गए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में अमेरिकी और सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में आतंकवादी संगठनों के कई साजो सामान और हथियार भंडारण स्थलों को निशाना बनाया।’’
इससे पहले सऊदी अरब ने मंगलवार को कहा कि उसने लगातार दूसरे दिन इराक में ईरान समर्थित लड़ाकों द्वारा दागे गए ड्रोन मार गिराए। वहीं, यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने नाकेबंदी कर सऊदी अरब के एक तेल टैंकर को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया।
