स्विट्जरलैंड में पीस टॉक चल रहा था। दुनिया को लग रहा था कि युद्ध टल सकता है। लेकिन दावा है कि उसी वक्त एक और प्लान तैयार हो रहा था। पाकिस्तान के सेना प्रमुख असिम मुनीर की हत्या का प्लान। जब पाकिस्तान को इसकी भनक लगी तो उसने कथित तौर पर इजराइल को ऐसा संदेश भेजा जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। हत्या के प्लान का यह दावा ब्राजील के पत्रकार और जिओपॉलिटिकल एनालिस्ट पेप एस्कोबार ने किया है। उन्होंने यह बात लेबनीज़ ऑस्ट्रेलियन पॉडकास्टर और कमेंटेटर मारियो नोफाल के साथ बातचीत में कही। एस्कोबार के मुताबिक 21 जून को स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही पीस टॉक के दौरान एक बड़ा सुरक्षा खतरा पैदा हो गया था। उनका दावा है कि पाकिस्तान की सैन्य खुफिया एजेंसी को ऐसी जानकारी मिली कि इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और पॉसिबबली उनके डेलीगेशन को निशाना बनाने की तैयारी कर रही थी। एस्कोबार ने कहा कि पाकिस्तानी मिलिट्री इंटेलिजेंस ने इस कथित प्लान से जुड़ी बहुत विश्वसनीय जानकारी हासिल की। उनके मुताबिक यह जानकारी इतनी गंभीर थी कि पाकिस्तान ने तुरंत इस पर रिएक्ट किया।
उनका दावा है कि पाकिस्तान ने अपने ट्रेडिशनल मीडिएटर्स के जरिए इजराइल को सीधा संदेश भेजा। एस्कोबार का अनुमान है कि इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका शायद ओमान ने निभाई हो। एस्कोबार के मुताबिक पाकिस्तान का संदेश बेहद सख्त था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने इजराइल को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तानी डेलीगेशन को छुआ भी गया तो उसका बहुत गंभीर जवाब दिया जाएगा। एस्कोबार ने दावा किया कि उन्हें यह जानकारी अपने एक सोर्स से मिली है। दिलचस्प बात यह है कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कुछ लोग यह दावा कर रहे थे कि इजराइल पाकिस्तान को नक्शे से हटाने की धमकी दे रहा था। लेकिन एस्कोबार का कहना है कि मामला उल्टा था। उनके मुताबिक यह कथित चेतावनी पाकिस्तान की तरफ से इजराइल को भेजी गई थी। हालांकि यहीं पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है। अगर वास्तव में इतना बड़ा खतरा मौजूद था तो क्या स्विट्जरलैंड, अमेरिका या पाकिस्तान की सिक्योरिटी एजेंसियों ने कोई पब्लिक वार्निंग जारी की थी?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसा नहीं हुआ। स्विस, अमेरिकी और पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से कोई आधिकारिक सेफ्टी अलर्ट जारी नहीं किया गया। ना ही उन्होंने सार्वजनिक रूप से किसी हत्या की साजिश का जिक्र भी किया। इसके अलावा अब तक ना तो पाकिस्तान सरकार ने और ना ही इजराइल सरकार ने इस दावे को कंफर्म किया है। दोनों देशों की तरफ से इस कथित साजिश को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यानी अभी तक जो कुछ सामने आया है वो मेनली एस्कोबार के दावों और उनके बताए गए सोर्सेस पर बेस्ड है। यह मामला इसलिए भी चर्चे में है क्योंकि हाल के दिनों में पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा था।
अमेरिका ईरान तनाव बढ़ने के बाद पाकिस्तान ने खुद को बातचीत कराने वाले देशों में शामिल करने की कोशिश की थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पिछले हफ्ते स्विट्जरलैंड गए थे। वहां वे अमेरिका और ईरान के बीच चल रही अहम डिस्कशंस में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे। इसी दौरान कथित तौर पर यह सुरक्षा खतरा पैदा हो गया। एस्कोबार का तो यह भी दावा है कि अगर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां समय रहते इस जानकारी को ना पकड़ती तो यह घटना एक बड़ा इंटरनेशनल क्राइसिस बन सकता था। लेकिन पेपस्कोबार के इस दावे को पाकिस्तान के कई पत्रकारों और पॉलिटिकल कमेंटेटर्स ने सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के डिजिटल न्यूज़ प्लेटफार्म द करंट के मुताबिक कई पत्रकारों ने इस कहानी को बेसलेस एंड अनसोर्टेड बाय फैक्ट्स यानी बेबुनियाद और तथ्यों से परे बताया है। सीनियर जर्नलिस्ट सैयद तलत हुसैन ने भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर असीम मुनीर की हत्या की कथित साजिश वाले दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने लिखा यह पूरी तरह बकवास है। इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है।