फिलीपींस में आज आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचा दी है। शक्तिशाली झटकों के कारण कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप के बाद कई इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बचाव और राहत अभियान लगातार जारी हैं तथा प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है।
समाचार एजेंसियों के अनुसार भूकंप की तीव्रता अलग अलग एजेंसियों ने अलग अलग दर्ज की। कुछ एजेंसियों ने इसकी तीव्रता 8.1 बताई, जबकि जर्मन भूविज्ञान अनुसंधान केंद्र ने पहले इसे 8.2 मापा और बाद में संशोधित कर 7.8 कर दिया। अन्य निगरानी संस्थानों ने इसकी तीव्रता 7.0 से 7.8 के बीच बताई। भूकंप का केंद्र फिलीपींस के दक्षिणी द्वीप मिंडानाओ के पास समुद्र में लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर बताया गया।
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भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई इमारतें देखते ही देखते मलबे में बदल गईं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भयावह दृश्य दिखाई दिए, जिनमें बहुमंजिला ढांचे धराशायी होते नजर आए। लोग घबराकर घरों और कार्यालयों से बाहर भागते दिखे। एक वीडियो में विद्यालय परिसर के बाहर खुले मैदान में छात्रों को एकत्र किया गया था, तभी पास की इमारत गिरती दिखाई दी। कई विद्यालयों और विश्वविद्यालयों की इमारतों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।
प्रशासन के अनुसार भूकंप के बाद करीब एक मीटर ऊंची सुनामी लहरें तटीय इलाकों तक पहुंचीं। अधिकारियों ने आशंका जताई कि कई घंटों तक समुद्र में असामान्य हलचल बनी रह सकती है। फिलीपींस के साथ साथ पड़ोसी इंडोनेशिया में भी सुनामी की चेतावनी जारी की गई। अमेरिका की सुनामी चेतावनी प्रणाली ने भी प्रशांत महासागर क्षेत्र के कई हिस्सों में संभावित खतरे को लेकर सतर्क किया।
सबसे अधिक असर दक्षिणी शहर जनरल सैंटोस और सरंगानी प्रांत के इलाकों में देखा गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कई मकान और इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। जनरल सैंटोस शहर पुलिस के मास्टर सार्जेंट रोबर्ट डागोन ने कहा कि अनेक भवन प्रभावित हुए हैं और कई मकान पूरी तरह ढह गए हैं। उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं, इसलिए अभी सभी क्षतिग्रस्त इमारतों का पूरा ब्यौरा देना संभव नहीं है।
सरंगानी प्रांत के अलाबेल कस्बे के पुलिस प्रमुख बेंजि आंचेता ने बताया कि भूकंप के तुरंत बाद पुलिस स्टेशन की दीवारों में दरारें आ गईं। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे शक्तिशाली भूकंप था। अस्पतालों में भी अफरातफरी का माहौल देखा गया। मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया, जबकि कई क्षेत्रों में कक्षाओं के पहले ही दिन विद्यालयों से छात्रों को बाहर निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया गया।
भूकंप के कुछ घंटों बाद दक्षिणी फिलीपींस में 6.1 तीव्रता का जोरदार झटका भी महसूस किया गया। इससे लोगों में डर और बढ़ गया तथा कई लोग पूरी रात खुले स्थानों पर रहने को मजबूर हुए। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और समुद्र तटों से दूर रहने की अपील की है।
हम आपको बता दें कि फिलीपींस प्रशांत महासागर के उस क्षेत्र में स्थित है जिसे “पैसिफिक रिंग ऑफ फायर” कहा जाता है। यह घोड़े की नाल के आकार का विशाल भूगर्भीय क्षेत्र है, जो प्रशांत महासागर के चारों ओर फैला हुआ है। इस क्षेत्र में सक्रिय ज्वालामुखी, समुद्र की गहरी खाइयां और विशाल भूगर्भीय दरारें मौजूद हैं। विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया में आने वाले लगभग 90 प्रतिशत भूकंप इसी क्षेत्र में दर्ज किए जाते हैं। फिलीपींस की स्थिति फिलीपीन सागर प्लेट और यूरेशियन प्लेट समेत कई टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर है। इन प्लेटों की लगातार टकराहट और हलचल के कारण यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां होती रहती हैं। द्वीप समूह के आसपास समुद्र के भीतर मौजूद गहरी खाइयां भी इस क्षेत्र को अधिक संवेदनशील बनाती हैं। यही कारण है कि फिलीपींस में हर वर्ष हजारों भूकंप दर्ज किए जाते हैं, हालांकि उनमें से कई इतने हल्के होते हैं कि लोगों को उनका एहसास तक नहीं होता। फिलहाल ताजा भूकंप ने एक बार फिर इस क्षेत्र की संवेदनशीलता और आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर कर दिया है।
