कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मौजूदा सत्र में टीम की निराशाजनक शुरुआत के बावजूद उनके मन में कभी भी कप्तानी छोड़ने का विचार नहीं आया।
केकेआर की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और उसे अपने पहले छह मैचों में से पांच में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उसने अपने अंतिम आठ मैचों में से छह जीतकर अच्छी वापसी की लेकिन उसकी टीम प्लेऑफ में जगह नहीं बना पाई।
रहाणे ने इस सत्र का अपना आखिरी मैच खेलने के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने अपने पूरे जीवन में अच्छी मानसिकता के साथ क्रिकेट खेला है। मेरे लिए अपना जज्बा बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण रहा है।’’
रविवार को केकेआर को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 40 रन से हार का सामना करना पड़ा था।
रहाणे ने कहा, ‘‘मैं कभी पीछे हटने वालों में से नहीं हूं। जब टीम मुश्किल में हो, जब टीम संघर्ष कर रही हो तब अपना जज्बा दिखाना बहुत जरूरी होता है। मैं कभी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटता। मेरे मन में कभी कप्तानी छोड़ने का विचार नहीं आया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दबाव तो होता है। यह स्वाभाविक है, लेकिन दबाव उन लोगों पर होता है जो विशेषाधिकार प्राप्त हैं। हर कोई इस दबाव को सहन नहीं कर सकता। मेरे लिए मजबूत बने रहना और किसी भी स्थिति में घबराना नहीं महत्वपूर्ण था। जब आप 5-6 मैच हार जाते हैं तो आपका ध्यान अतीत और भविष्य पर केंद्रित हो जाता है।’’
रहाणे का बल्लेबाजी में प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इस अनुभवी सलामी बल्लेबाज ने 14 मैचों में 135 के स्ट्राइक रेट से 335 रन बनाए।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कुछ प्रमुख खिलाड़ी चोटिल होने के कारण नहीं खेल पा रहे थे और यह हमेशा एक चुनौती होती है, लेकिन मैं उस पर ध्यान नहीं दे रहा था। मुझे भारतीय गेंदबाजों पर भरोसा था और मैं उन्हें समय देना चाहता था। मुझे विश्वास था कि अगर हम उनका साथ दें, अगर हम उन्हें समय दें, तो वे दबाव में बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
