मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर परिसर के पास खुदाई के दौरान एक विशाल और प्राचीन शिवलिंग मिला है। यह खोज उस समय हुई जब साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले की तैयारियों के लिए मंदिर के विस्तार का काम किया जा रहा था। शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे जब मशीन से जमीन समतल की जा रही थी, तभी मिट्टी के नीचे यह शिवलिंग दिखाई दिया।
भक्तों की उमड़ी भीड़
जैसे ही जमीन से शिवलिंग निकलने की खबर फैली, पूरे इलाके में उत्साह का माहौल बन गया। मंदिर के पुजारियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शिवलिंग की पूजा-अर्चना की। फिलहाल खुदाई का काम रोक दिया गया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अद्भुत शिवलिंग के दर्शन करने के लिए वहां जमा हो रहे हैं। कई लोग इसे भगवान महाकाल का शुभ संकेत मान रहे हैं।
एक हजार साल पुराना हो सकता है इतिहास
पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह शिवलिंग करीब एक हजार साल पुराना ‘परमारकालीन’ (राजा भोज के समय का) लग रहा है। इंजीनियरों का मानना है कि वहां नंदी और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी मिल सकती हैं। इससे पहले मई 2020 में भी इसी तरह की खुदाई में प्राचीन मंदिर के अवशेष और मूर्तियां मिली थीं। अब पुरातत्व विभाग इस शिवलिंग की पूरी सफाई और जांच करेगा ताकि इसके सही समय और ऐतिहासिक महत्व का पता लगाया जा सके।