मध्य पूर्व में जारी तनाव और अमेरिका के साथ चल रहे कड़े संघर्ष के बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ शनिवार सुबह पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुँचे। हालाँकि इस दौरे का मुख्य केंद्र अमेरिका के साथ संभावित बातचीत है, लेकिन तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह वाशिंगटन के साथ कोई सीधी बातचीत (Direct Talks) नहीं करेगा।
पाकिस्तान की मेजबानी और स्वागत
इस्लामाबाद पहुँचने पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल का जोरदार स्वागत किया गया। स्वागत दल में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी शामिल थे। इशाक डार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस मुलाकात की पुष्टि करते हुए कहा कि वे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सार्थक बातचीत की उम्मीद कर रहे हैं।
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अधिकारी ने कहा, ‘‘पाकिस्तानी मध्यस्थता टीम के साथ महत्वपूर्ण चर्चाओं के बाद, अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का दूसरा दौर इस्लामाबाद में होने की उम्मीद है।’’
उन्होंने कहा कि वार्ता प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए एक अमेरिकी सुरक्षा दल पहले से ही इस्लामाबाद में मौजूद है।
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इस बीच, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम एशिया मामलों के लिए अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार जेरेड कुशनर ईरान के साथ वार्ता के दूसरे दौर के लिए शनिवार को पाकिस्तान रवाना होंगे।
अमेरिका और ईरान के बीच गत 11 और 12 अप्रैल को हुई पहली दौर की वार्ता बेनतीजा रही थी।
