अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच ईरान ने भारत आ रहे एक कंटेनर जहाज को रोक लिया। इतना ही नहीं फायरिंग के बाद इस जहाज को अपने कब्जे में भी ईरान ने ले लिया और इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस जहाज पर भारत का एक नागरिक मौजूद है। एक नाटकीय फुटेज जारी किया है। इस फुटेज में कथित तौर पर दिखाया गया है कि कैसे नकाबपोश कमांडो ने जहाज़ों का पीछा किया, उन पर चढ़ गए और आखिरकार उन्हें ज़ब्त कर लिया। हॉलीवुड की किसी एक्शन थ्रिलर फिल्म जैसा लगने वाला यह प्रोपेगैंडा वीडियो, अमेरिकी मरीन द्वारा दो ईरानी झंडे वाले मालवाहक जहाज़ों पर चढ़कर उन्हें ज़ब्त करने के कुछ दिनों बाद आया है। उन जहाज़ों ने होर्मुज़ में लगी नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश की थी।
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बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह करीब 8:00 बजे जब एपा मिनी डेज़ नाम का यह कंटेनरशिप हॉर्न स्टेट को पार करने की कोशिश कर रहा था। तभी अचानक ईरान की आईआरजीसी ने इस जहाज को निशाना बनाया। पहले चेतावनी दी गई और फिर फायरिंग शुरू हो गई। समुंदर के बीच गोलियों की आवाज जहाज पर 21 लोगों के लिए वह पल किसी डरावने सपने से कम नहीं था। वॉइस कैप्टन संजय महान ने अपने वीडियो में बताया कि जैसे ही फायरिंग शुरू हुई सभी क्रू मेंबर तुरंत जहाज के अंदर चले गए और खुद को सुरक्षित करने की कोशिश की। अब आपको बताते हैं इस जहाज के बारे में। इस कंटेनरशिप का नाम है एपा मिनोडेस। यह लाइबेरिया के झंडे वाला एक कमर्शियल कारगो जहाज है। यह जहाज सऊदी अरब से भारत के गुजरात स्थित मुंद्रा पोर्ट की ओर आ रहा था।
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यानी यह एक सामान्य व्यापारिक यात्रा थी। लेकिन अचानक यह अंतरराष्ट्रीय विवाद का हिस्सा बन गई। जहाज पर कुल 21 लोग सवार हैं और इनमें वॉइस कैप्टन संजय महर भारत से हैं। बाकी क्रू मेंबर फिलीपींस, यूक्रेन और श्रीलंका के नागरिक हैं। यानी यह एक मल्टीीनेशनल क्रू है जो अब ईरान के कब्जे में है। हालांकि अभी तक किसी के घायल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन हालात तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं।
ईरान के सैनिकों ने भारतीय जहाज़ पर कब्ज़ा कैसे किया?
इस नाटकीय वीडियो में ईरानी सैनिक स्पीडबोट्स में सवार होकर मालवाहक जहाज़ों की ओर बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो ट्रंप के उन बार-बार किए गए दावों के बिल्कुल विपरीत है, जिनमें उन्होंने कहा था कि युद्ध के दौरान ईरानी नौसेना पूरी तरह से तबाह हो गई थी। हालाँकि, अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि इन जहाज़ों पर कब्ज़ा करने के पीछे ईरान का “मच्छर बेड़ा” (mosquito fleet) था यानी छोटी, तेज़ रफ़्तार वाली और जिनका पता लगाना मुश्किल होता है, ऐसी नावें जिन्हें शक्तिशाली IRGC द्वारा संचालित किया जाता है। इसके बाद वीडियो में नकाब पहने ईरानी सैनिक, जिनके पास राइफलें हैं, एक सीढ़ी के सहारे ऊपर चढ़ते और MSC Francesca पर सवार होते दिखाई देते हैं।
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Epaminondas पर सवार, नकाबपोश कमांडो राइफलों के साथ तलाशी लेते और इंजन रूम में दाखिल होते नज़र आते हैं। फिर विज़ुअल्स में सैनिकों को जहाज़ के ऊपरी डेक पर चढ़ते हुए दिखाया गया है। भारत की ओर जा रहे जहाज़ Epaminondas के ‘ब्रिज’ (केंद्रीय कमांड सेंटर) को तब नुकसान पहुँचा, जब ईरानी सैनिकों ने अपनी स्पीडबोट से गोलीबारी की और ग्रेनेड फेंके। हालाँकि, जहाज़ के क्रू को कोई चोट नहीं आई। MSC Francesca, जो ईरान के तट से लगभग छह मील दूर था, उस पर भी ज़ोरदार गोलीबारी हुई।
Scary visuals of Iranian armed forces hijacking two ships 👇🏻
Iran’s Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) has seized two container ships in the Strait of Hormuz, MSC Francesca and Epaminondas
The vessels were boarded by armed Iranian forces over alleged violations pic.twitter.com/lFfJjtaXuy
— Nabila Jamal (@nabilajamal_) April 23, 2026
