अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने मंगलवार (स्थानीय समय) को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता और प्रशासन इस नीति को लागू करवाने के लिए काम कर रहा है। जॉर्जिया विश्वविद्यालय में आयोजित ‘टर्निंग पॉइंट यूएसए’ कार्यक्रम में बोलते हुए वैंस ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में प्रगति हुई है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ट्रंप एक व्यापक समझौते की ओर अग्रसर हैं।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने एक नीति निर्धारित की है: ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता और अभी हम यह सुनिश्चित करने के लिए बातचीत कर रहे हैं कि ऐसा ही हो। और इसमें दिलचस्प बात यह है कि हमारे पास यह युद्धविराम है, जो मुझे लगता है कि छह या सात दिन पुराना है। अभी यह युद्धविराम कायम है और आप देख रहे हैं कि राष्ट्रपति एक बड़ा समझौता करना चाहते हैं, वह कोई छोटा समझौता नहीं करना चाहते। वैंस ने कहा कि अमेरिका ईरान को सामान्य आर्थिक संबंधों का रास्ता दिखा रहा है, बशर्ते वह अपना आचरण बदले।
उन्होंने कहा कि ईरान को उनका प्रस्ताव बहुत सीधा-सादा है और सच कहूँ तो ऐसा प्रस्ताव देने की क्षमता किसी भी राष्ट्रपति के पास नहीं रही है। उन्होंने कहा कि अगर आप एक सामान्य देश की तरह व्यवहार करने को तैयार हैं, तो हम भी आर्थिक रूप से आपके साथ एक सामान्य देश जैसा व्यवहार करेंगे। उन्हें कोई छोटा-मोटा समझौता नहीं चाहिए। और यही एक कारण है कि पाकिस्तान में हमने बहुत प्रगति की है, लेकिन समझौता अभी तक इसलिए नहीं हो पाया है क्योंकि राष्ट्रपति वास्तव में ऐसा समझौता चाहते हैं जिसमें ईरान के पास परमाणु हथियार न हों, ईरान आतंकवाद को प्रायोजित न करे, और साथ ही ईरान के लोग समृद्ध और खुशहाल हों और विश्व अर्थव्यवस्था में उस तरह से योगदान दे सकें जैसा उन्होंने मेरे जीवनकाल में कभी नहीं दिया।
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वैंस ने आगे कहा कि और यही वो ट्रम्पवादी भव्य समझौता है जिसे राष्ट्रपति ने सामने रखा है। हम बातचीत जारी रखेंगे और इसे साकार करने की कोशिश करेंगे क्योंकि यह दुनिया के लिए, हमारे देश के लिए, सबके लिए बहुत अच्छा होगा, इसलिए मैं इसे साकार करने के लिए संघर्ष करता रहूंगा। ये टिप्पणियां तब आईं जब ट्रंप ने मंगलवार (स्थानीय समय) को कहा कि वह ईरान के साथ चल रहे दो सप्ताह के युद्धविराम को बढ़ाने पर विचार नहीं कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि पश्चिम एशिया में तनाव को समाप्त करने का सबसे अच्छा तरीका बातचीत के जरिए समझौता करना ही है।
