ईरान की महिला फुटबॉल टीम को एशियाई कप में अपना आखिरी ग्रुप मैच हारने के बाद ऐसे समय में स्वदेश लौटने पर विचार करना पड़ रहा है जब उनका देश युद्ध की स्थिति में उलझा हुआ है।
ईरान की महिला टीम पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया में आयोजित महाद्वीपीय चैंपियनशिप के लिए जब पहुंची थी तब अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमला और उसके बाद युद्ध शुरू नहीं हुआ था।
आम तौर पर ग्रुप चरण से बाहर होने वाली टीमें कुछ ही दिनों में लौट जाती हैं, लेकिन आयोजकों ने अभी तक ईरान के दल की वापसी को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार ईरान की मुख्य कोच मरजियेह जाफरी ने कहा कि टीम “जितनी जल्दी हो सके ईरान लौटना चाहती है।”
मैच के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जाफरी ने कहा, ‘‘मैं अपने देश और अपने घर के लोगों के साथ रहना चाहती हूं… हम जल्द से जल्द वापस लौटने के लिए उत्सुक हैं।’’
पिछले सोमवार दक्षिण कोरिया के खिलाफ शुरुआती मैच से पहले राष्ट्रगान के दौरान टीम की चुप्पी को कुछ लोगों ने विरोध के रूप में देखा, जबकि अन्य ने इसे शोक की अभिव्यक्ति माना। टीम ने हालांकि इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया।
ईरान को इसके बाद गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 0-4 और रविवार को फिलीपींस से 0-2 की हार का सामना करना पड़ा। इन मैचों से पहले खिलाड़ियों ने राष्ट्रगान गाया था।
ईरान की मीडिया में आलोचना की खबरों के बाद खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ऑस्ट्रेलियाई-ईरानी परिषद ने ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क को पत्र लिखकर सरकार से आग्रह किया कि ऑस्ट्रेलिया में रहते हुए टीम के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
परिषद ने एक ऑनलाइन याचिका भी शुरू की, जिस पर रविवार के मैच से पहले 50 हजार से अधिक डिजिटल हस्ताक्षर हो चुके थे। याचिका में ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से अपील की गई कि “जब तक खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर आशंकाएं बनी हुई हैं, तब तक ईरान की महिला राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के किसी भी सदस्य को ऑस्ट्रेलिया से जाने की अनुमति न दी जाए।”
इसके साथ ही खिलाड़ियों के लिए स्वतंत्र कानूनी सलाह, सहायता और दुभाषिया उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।
प्रतियोगिता के दौरान ईरान की टीम प्रबंधन और अधिकांश खिलाड़ियों ने देश की स्थिति पर टिप्पणी करने से परहेज किया। पिछले बुधवार को हालांकि एक संवाददाता सम्मेलन में फॉरवर्ड सारा दीदार अपने परिवार, दोस्तों और संघर्ष के बीच रह रहे अपने देश के लोगों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए भावुक हो गईं थी।
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने यह बताने से इनकार किया कि क्या सरकार ने व्यक्तिगत खिलाड़ियों से संपर्क किया है या नहीं लेकिन उन्होंने स्थानीय मीडिया से कहा कि ऑस्ट्रेलिया ईरानी महिला टीम के साथ एकजुटता में खड़ा है।
