खाड़ी क्षेत्र तक फैल चुके ईरान युद्ध ने हवाई सफर को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिससे हजारों यात्री अलग-अलग हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। आम लोग उड़ानों के दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं कुछ संपन्न यात्री भारी रकम चुकाकर उन सुरक्षित हवाई अड्डों के जरिये यूरोप के लिए उड़ानों के जरिये निकल रहे हैं, जहां ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा नहीं है।
पिछले सप्ताहांत जंग छिड़ने के उपरांत दुबई, अबू धाबी और दोहा के प्रमुख हवाई अड्डे बंद कर दिए गए, जिसके बाद चार्टर विमानों की मांग अचानक आसमान छूने लगी।
कुछ लोग सुरक्षित निकलने के लिए दो लाख यूरो (करीब 2.32 लाख अमेरिकी डॉलर) तक चुकाने को तैयार हैं।
आम तौर पर सुरक्षित और शानदार ठिकाने के रूप में पहचाने जाने वाले दुबई से अब लोग जल्द से जल्द निकलना चाहते हैं। कई यात्री सड़क मार्ग से करीब चार घंटे की दूरी तय करके मस्कट (ओमान) या फिर 10 घंटे से अधिक दूरी पर स्थित सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंच रहे हैं।
वहां पहुंचकर वे उपलब्ध गिनी-चुनी वाणिज्यिक उड़ानों में जगह तलाश रहे हैं या फिर चार्टर विमान का सहारा ले रहे हैं। हालांकि युद्ध शुरू होने के बाद इनकी कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं।
फ्रांस की निजी विमानन कंपनी ‘जेट-वीआईपी’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अल्ताय कुला ने कहा, “मांग इतनी अधिक है कि हम चाहकर भी जरूरत के मुताबिक विमान उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं।”
कुला ने बताया कि सामान्य दिनों में रियाद से पुर्तगाल के पोर्टो तक 16 यात्रियों की क्षमता वाले निजी जेट के चार्टर की कीमत लगभग एक लाख यूरो (करीब 1,15,800 अमेरिकी डॉलर) होती है, लेकिन इन दिनों यह कीमत दोगुनी हो चुकी है।
उन्होंने कहा, “कीमतों में यह बढ़ोतरी विमानों की कमी, परिचालन लागत और ऑपरेटर के जोखिम आकलन को दर्शाती है। यह कोई मनमानी कीमत नहीं है।”
‘विमाना प्राइवेट जेट्स’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमीर नाराण ने कहा कि किराया प्रस्थान स्थल, विमान के प्रकार और मार्ग की पाबंदियों के अनुसार बदल सकता है।
उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र से यूरोप तक की उड़ानों के लिए इन दिनों कीमतें 1.5 लाख यूरो (करीब 1,73,800 अमेरिकी डॉलर) से लेकर दो लाख यूरो तक पहुंच चुकी हैं।
रियाद और मस्कट जैसे चालू हवाई अड्डों तक पहुंचने के लिए कुछ यात्री निजी सुरक्षा कंपनियों की सेवाएं ले रहे हैं, जो साधारण कारों से लेकर बड़े कोच बसों तक में उनके परिवहन का इंतजाम करती हैं।
ब्रिटेन की जोखिम प्रबंधन एवं सुरक्षा कंपनी ‘अल्मा रिस्क’ के परिचालन एवं योजना निदेशक इयान मैककॉल ने कहा कि भारी यातायात के कारण ओमान की सीमा चौकियों पर प्रतीक्षा समय चार घंटे तक पहुंच सकता है, जबकि इस पूरी व्यवस्था की लागत हजारों डॉलर तक जा रही है।
