चेन्नई, छह नवंबर तमिलनाडु के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी विभाग (डीवीएसी) ने रेत खनन में कथित अनियमितताओं और राजस्व को 1,427 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान पहुंचाने के मामले में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता दुरई मुरुगन और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सतर्कता अधिकारियों ने मामला दर्ज होने के बाद तमिलनाडु और पुडुचेरी में 34 जगहों पर तलाशी ली और 825 आपत्तिजनक दस्तावेज, 11 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा बैंक लॉकर की तीन चाबियां जब्त कीं।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, यह मामला चेन्नई स्थित प्रवर्तन निदेशालय के साथ-साथ भ्रष्टाचार-रोधी गैर सरकारी संगठन (एजीओ) ‘अराप्पोर इयक्कम’ के संयोजक एस. तमिलसेल्वन और जयराम वेंकटेशन की शिकायतों के आधार पर दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में दुरई मुरुगन के अलावा, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता ए. मुथैया और राममूर्ति, जल संसाधन विभाग के 14 कार्यरत सरकारी अधिकारी, 10 निजी व्यक्ति और कंपनियों तथा कई अन्य लोगों को नामजद किया गया है। इन शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि 2021 से 2024 के बीच तमिलनाडु की 28 खदानों में रेत खनन के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताएं हुईं।
डीवीएसी ने कहा, ‘‘खुली निविदाओं के बजाय सीमित निविदाओं के माध्यम से अनुबंध दिए गए और स्वीकृत खनन योजना से कहीं अधिक रेत का खनन किया गया।’’
विभाग के मुताबिक, रेत की अवैध ढुलाई के लिए फर्जी वाउचर तैयार किए गए और उन्हें असली परमिट पर्चियों के तौर पर पेश किया गया। डीवीएसी ने बताया कि 28 खदानों में से केवल चार की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि सरकार को 14,27,34,23,059 रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। डीवीएसी ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद चेन्नई, पुदुक्कोट्टई, तिरुचिरापल्ली, करूर, वेल्लोर, मदुरै, डिंडीगुल, शिवगंगई, कोयंबटूर, सलेम, नमक्कल और पड़ोसी पुडुचेरी में छापेमारी की कार्रवाई की।
अधिकारियों ने बताया कि पूरे प्रकरण की अभी जांच जारी है।
