भारतीय वायु सेना (IAF) ने नई दिल्ली के रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन में स्थित अपने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स वाली 39.5 एकड़ ज़मीन को औपचारिक रूप से ‘लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस’ (L&DO) को सौंप दिया है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास के नज़दीक मौजूद एक अहम सरकारी ज़मीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। यह ज़मीन जैसी है, जहाँ है की स्थिति में सौंपी गई है। यह कदम लोक कल्याण मार्ग के आस-पास के इलाके में जहाँ प्रधानमंत्री का आवास स्थित है। सरकारी ज़मीन को वापस लेने की केंद्र सरकार की कोशिशों का एक और हिस्सा है। हस्तांतरण के बाद, डिफेंस एस्टेट ऑफिस, भारतीय वायु सेना (IAF) और L&DO मिलकर एक संयुक्त सर्वेक्षण करेंगे। इसका उद्देश्य जमीन के हिस्से की सटीक सीमा तय करना और उसके माप में किसी भी तरह की विसंगति की जांच करना है।
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प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित इस परिसर में एक गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल, बैडमिंटन कोर्ट और खेल से जुड़ी अन्य सुविधाएं थीं, जिनका इस्तेमाल वायु सेना के कर्मी करते थे। सरकार द्वारा ज़मीन का कब्ज़ा लेने की प्रक्रिया शुरू करने के बाद, औपचारिक हस्तांतरण से कुछ दिन पहले ही इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को बंद कर दिया गया था। इस बंदी का असर वायु सेना की एक पुरानी परंपरा पर भी पड़ा। पूर्व वायु सेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, 31 अक्टूबर को रिटायर होने से पहले इस जगह पर अपनी पारंपरिक ‘गोल्फिंग-आउट’ सेरेमनी आयोजित नहीं कर सके। औपचारिक हस्तांतरण के बाद अब 39.5 एकड़ का यह ज़मीन का टुकड़ा L&DO के अधीन आ गया है। एक संयुक्त सर्वे के ज़रिए इस हस्तांतरित ज़मीन की सटीक सीमाओं और माप का पता लगाया जाएगा।
