ब्रह्मपुर (ओडिशा), दो नवंबर शहर की एक अदालत ने अपने पति और वन अधिकारी सौम्य रंजन महापात्र की कथित हत्या की आरोपी विद्या भारती पांडा को सोमवार को 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ओडिशा उच्च न्यायालय ने इससे पहले पांडा को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने सुबह उप-मंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसडीजेएम) अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
बाद में पांडा ने अदालत में जमानत याचिका दायर की। अदालत के सरकारी वकील राजेश कुमार मिश्रा ने बताया, “अदालत ने उसकी जमानत खारिज कर दी और 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।”
मिश्रा ने बताया कि पांडा के आत्मसमर्पण के साथ ही, महापात्र की मौत के मामले के तीनों आरोपी अब न्यायिक हिरासत में हैं। पांडा के वकील शिशिर कुमार जेना ने कहा कि अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के दस्तावेज मिलने के बाद, वे पारलाखेमुंडी की जिला एवं सत्र अदालत में जमानत याचिका दायर करेंगे।
तत्कालीन मंडल वन अधिकारी (डीएफओ) संग्राम केशरी बेहरा और परिवार के रसोइए मनमथ कुंभा को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, और अब उनकी जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद वे न्यायिक हिरासत में हैं। बेहेरा ने 28 जुलाई को अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि पुलिस ने 30 सितंबर को कुंभा को उसके गांव कराडासिंह से गिरफ्तार कर लिया। सौम्य रंजन के पिता अभिराम महापात्र ने 14 जुलाई 2021 को पारलाखेमुंडी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने बेहरा, पांडा और कुंभा पर अपने बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया।
इसके बाद पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। गजपति जिले के परलाखेमुंडी में सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) महापात्र 11 जुलाई, 2021 को परलाखेमुंडी स्थित अपने आवास पर जल गए थे, और अगले दिन उनकी मृत्यु हो गई। उनके पिता ने आरोप लगाया कि यह घटना कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या थी।
बेहरा और कुंभा ने साजिश रची थी, जबकि पांडा ने कथित तौर पर उनके बेटे को आग लगा दी।
