एशिया का पावर गेम पूरी तरह बदल चुका है। भारत और जापान की नई दोस्ती ने बीजिंग से लेकर इस्लामाबाद तक के हुक्मरानों की इरादों की नींद उड़ा दी है। जापान अब अपनी वो तबाही मचाने वाली 1000 किमी मारक क्षमता वाली मिसाइल और स्ट्राइक ड्रोन भारत की टेस्टिंग रेंज में दागने की तैयारी कर रहा है। ओडिसा के चांदीपुर में और इस खबर ने पाकिस्तान के रक्षा विशेषज्ञों की नींद उड़ा कर रख दी है। वे अपनी बौखलाहट छिपा भी नहीं पा रहे हैं। जापान जो कभी अपनी रक्षात्मक नीतियों के दायरे में सिमटा रहता था। आज चीन और ड्रैगन के हरकतों से तंग आकर अपनी सैन्य ताकत को खतरनाक स्तर पर बढ़ा रहा है। जापान बना रहा टाइप 25 जैसी घातक एंटीशिप मिसाइल जिसकी रेंज पूरे 1000 किमी है। जापान खुद एक छोटा आइलैंड नेशन है। जहां इतनी लंबी दूरी की मिसाइलों को टेस्ट करने के लिए ना तो खुला आसमान है और ना ही समंदर। इसीलिए जापान के चीफ ऑफ स्टाफ ने हाथ जोड़कर भारत की तरफ देखा। जापानी रक्षा अधिकारियों की टीम ने भारत आकर ओसा के चांदीपुर टेस्ट रेंज का कोना-कोना छान मारा है।
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सोचिए जहां भारत अपनी अग्नि और ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों से दुश्मनों के होश उड़ाता है। अब वहीं जापान भी अपने हथियार परखेगा। अब जरा रुख करते हैं हमारे प्यारे कंगाल पड़ोसी यानी पाकिस्तान की तरफ। इस खबर के आते ही पाकिस्तान में मातम छा गया। पाकिस्तान के जाने-माने विश्लेषक कमर चीमा जैसे लोग इस बात से बौखलाए हुए हैं कि अरे भाई भारत और जापान की यह नजदीकी हमारे आका यानी चीन के लिए बहुत बड़ा खतरा है। भारत की कूटनीति ने दुनिया के सबसे तकनीकी रूप से उन्नत देश यानी जापान को अपने पाले में लाकर खड़ा कर दिया है। पाकिस्तान की चीन पर अंधभक्ति वाली आदत अब इस नए रक्षा समीकरण के सामने पूरी तरह पस्त नजर आ रही है। भारत और जापान का यह तकनीकी तालमेल सीधे तौर पर चीन और उसके समर्थक पाकिस्तान की हैकड़ी निकालने के लिए काफी है। जरा सोचिए अगर जापान की तकनीक और भारत की सैन्य ताकत एक मंच पर आ गई तो इस पूरे इंडोपेसिफिक क्षेत्र में चीन की दादागिरी हमेशा के लिए दफन हो जाएगी।
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बीजिंग के रणनीतिकारों की नींद उड़ चुकी है क्योंकि उन्हें पता है कि भारत अब सिर्फ जवाब देना नहीं जानता बल्कि दुनिया के दिग्गजों को अपने यहां ट्रेनिंग और टेस्टिंग का मैदान मुहैया करा रहा है। हालांकि अभी इस पर कोई फाइनल मुहर नहीं लगी है लेकिन जिस तरह से जापानी सैन्य अधिकारियों ने भारत के ठिकानों का मुआयना किया है उससे साफ है कि दाल में कुछ बहुत बड़ा पक रहा है और जब यह डील फ़ाइनल होगी तो पाकिस्तान और चीन के पैरों तले जमीन खिसकना तो तय है।
