देश में स्वदेशी दूरसंचार सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) अब 5जी नेटवर्क के विस्तार की तैयारी कर रहा है। कंपनी का कहना है कि देशभर में 4जी सेवाओं का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक रहने और नेटवर्क का दायरा बढ़ने के बाद अगली पीढ़ी की मोबाइल सेवा शुरू करने की दिशा में काम तेज किया जा रहा है। इसके साथ ही कंपनी ग्राहकों की शिकायतों का समाधान आसान बनाने और उनकी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए भी नई तकनीक अपना रही है।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के दौरान बीएसएनएल के प्रधान महाप्रबंधक विवेक दुआ ने बताया कि कंपनी 5जी सेवा की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल का 4जी नेटवर्क अब अपनी तय क्षमता के अनुसार काम कर रहा है और आने वाले महीनों में इसका विस्तार भी किया जाएगा। दुआ के मुताबिक, कंपनी स्वदेशी 5जी नेटवर्क के विकास और विस्तार के लिए तैयार है। इससे ग्राहकों को देश में विकसित तकनीक पर आधारित मोबाइल सेवाएं इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा।
बता दें कि बीएसएनएल ने इसी कार्यक्रम में ग्राहकों की मदद के लिए अपने स्वचालित सहायक ‘वाणी’ को भी बेहतर बनाने की जानकारी दी। इस व्यवस्था को सीधे कंपनी के मुख्य नेटवर्क से जोड़ा गया है, ताकि ग्राहक अपने क्षेत्र में नेटवर्क की स्थिति समझ सकें और कनेक्शन से जुड़ी परेशानियों का समाधान पा सकें। इसकी खास बात यह है कि ग्राहक अपनी स्थानीय भाषा में बातचीत कर सकते हैं।
विवेक दुआ के अनुसार, वाणी ग्राहक की समस्या को समझकर जरूरत पड़ने पर बातचीत के दौरान ही शिकायत दर्ज कर सकता है। कंपनी का लक्ष्य है कि शिकायत मिलने के बाद कम से कम समय में समस्या का समाधान किया जाए। इससे ग्राहकों को बार-बार ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करने की जरूरत कम हो सकती है।
कंपनी ने ग्राहकों के आंकड़ों और संचार को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा कंपनी सप्तांग के साथ भी साझेदारी की है। इसके तहत मुख्य नेटवर्क के भीतर ही आंकड़ों की जांच और छंटाई करने वाली स्वदेशी व्यवस्था लगाई जा रही है। इसका उद्देश्य संभावित सुरक्षा खतरों को ग्राहक के उपकरण तक पहुंचने से पहले रोकना है। दुआ ने कहा कि कंपनी चाहती है कि मोबाइल या दूसरे उपकरणों पर इस्तेमाल होने वाली सेवाओं के दौरान ग्राहकों का आंकड़ा सुरक्षित रहे और उन्हें नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों से बचाया जा सके।
बीएसएनएल ने ‘भारत संदेश’ नाम का नया डिजिटल संचार मंच भी पेश किया है। इसके जरिए नागरिक एक ही जगह पर सरकारी विभागों और निजी कंपनियों से संपर्क कर सकेंगे। उदाहरण के तौर पर, बैंक, बिजली विभाग, जल आपूर्ति संस्थान और दूसरी सेवाओं से जुड़ी बातचीत एक ही मंच पर की जा सकेगी। इसमें संदेश भेजने, बातचीत करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से आवाज के जरिए संवाद करने की सुविधा भी होगी। इसका उद्देश्य अलग-अलग सेवाओं के लिए कई मंचों पर जाने की जरूरत कम करना है।
दुआ ने स्वदेशी दूरसंचार तकनीक के विकास में केंद्र सरकार के सहयोग को अहम बताया। उनके अनुसार, सरकारी वित्तीय और तकनीकी मदद के कारण ही देश में विकसित 4जी नेटवर्क को आगे बढ़ाना संभव हुआ है। उन्होंने भारतनेट परियोजना का भी उल्लेख किया, जिसके जरिए दूर-दराज के इलाकों तक इंटरनेट और डिजिटल संपर्क पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
गौरतलब है कि बीएसएनएल के लिए 4जी नेटवर्क का विस्तार और स्वदेशी 5जी सेवा की तैयारी दोनों महत्वपूर्ण हैं। बेहतर नेटवर्क, स्थानीय भाषाओं में ग्राहक सहायता और सुरक्षा से जुड़ी नई व्यवस्थाओं के जरिए कंपनी निजी दूरसंचार कंपनियों के बीच अपनी स्थिति मजबूत करने और अधिक लोगों तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
