एयरटेल बिजनेस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शरत सिन्हा ने कहा है कि पिछली प्रौद्योगिकियों की तरह कृत्रिम मेधा (एआई) को सुरक्षित रूप से लागू करने की रूपरेखा और तरीके लगातार विकसित होते रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि कंपनियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय ही एआई के लाभ सुनिश्चित करेंगे। सिन्हा ने प्रौद्योगिकी सुरक्षा, डीपफेक और मानवीय प्राथमिकताओं जैसे मुद्दों से निपटने के लिए एआई नियमन पर सरकार द्वारा जल्द ही एक परामर्श पत्र जारी करने की योजना को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया।
उन्होंने पीटीआई-से कहा, ‘‘हम नियामकों और अपने ग्राहकों दोनों के साथ मिलकर काम करते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हम जो भी करें वह नियमों के अनुरूप हो। हम ऐसे मानक तय करने में सकारात्मक भूमिका निभाते हैं और आगे भी हमारा यही प्रयास रहेगा।’’
सिन्हा ने कहा कि कंपनी ऐसा नियमन चाहती है जो बुनियादी ढांचे को सही कारोबारी नतीजे देने में सक्षम बनाए, और लोग सुरक्षित रूप से एआई का इस्तेमाल कर सकें। उन्होंने कहा कि एयरटेल इसमें सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभाएगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि सरकार एक महीने के भीतर एआई नियमन पर एक परामर्श पत्र लाएगी, जिसमें एआई सुरक्षा, डीपफेक और मानवीय दृष्टिकोण जैसे प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
