(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद/पेशावर, 10 अक्टूबर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आपातकाल लगाने पर संघीय सरकार द्वारा विचार किए जाने संबंधी खबरों के बीच शनिवार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश की राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति भवन में हुई इस बैठक में सरकार और राजनीति से जुड़ी प्रमुख शख्सियतों ने हिस्सा लिया। बयान में कहा गया कि नेशनल असेंबली और सीनेट के अलग-अलग सत्र 13 अक्टूबर को आहूत किए जाएंगे।
यह बैठक जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (73) की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के समर्थकों के जारी विरोध मार्च के बीच हुई है। इस मार्च का नेतृत्व खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी कर रहे हैं। उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में स्थित खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की सरकार है।
इसी प्रांत से मार्च की शुरुआत हुई थी। यह मार्च चार अक्टूबर को लक्की मरवत से शुरू हुआ था और खान से मुलाकात की मांग को लेकर पार्टी के दबाव बनाने के बीच खैबर पख्तूनख्वा के कई जिलों से गुजर चुका है। खान 2023 से जेल में बंद हैं और भ्रष्टाचार तथा हिंसा भड़काने के आरोपों समेत 100 से अधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।
वह रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की प्रमुख मांगों में खान से तत्काल मुलाकात की अनुमति देना, उनके निजी चिकित्सकों को उनसे मिलने देना, विरोध प्रदर्शन से पहले गिरफ्तार की गई उनकी बहनों और समर्थकों को रिहा करना, उनकी पत्नी बुशरा बीबी की उचित चिकित्सा जांच कराना तथा उनके मामलों की सुनवाई बिना किसी हस्तक्षेप के करना शामिल है। ‘जियो न्यूज’ की खबर के अनुसार, शनिवार को राष्ट्रपति भवन में हुई बैठक में अफरीदी के नेतृत्व में जारी विरोध मार्च से जुड़े कानून-व्यवस्था के बिगड़ते हालात और राजनीतिक अशांति का हवाला देते हुए खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल लगाने का फैसला किया गया।
खबर में कहा गया कि इस कदम पर विचार करने के लिए संघीय मंत्रिमंडल की बैठक रविवार को होगी। इसके बाद सोमवार को इस प्रस्ताव को संसद के समक्ष रखा जाएगा। हालांकि, गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने ‘जियो न्यूज’ से कहा कि तनाव कम करने के लिए सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
उन्होंने आपातकाल लगाने को ‘‘आखिरी विकल्प’’ बताते हुए कहा कि इस संबंध में अभी विचार-विमर्श जारी है।
