नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने यहां अपनी बैंक सुरक्षा एवं धोखाधड़ी शाखा (बीएसएंडएफबी) में तैनात एक कांस्टेबल और एक वकील को छह लाख रुपये की कथित रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई की यह कार्रवाई उसे मिली उस जानकारी के बाद की गई, जिसमें पता चला था कि बीएस एंडएफबी में तैनात कांस्टेबल (जीडी) जय कुमार सिंह ने एक बिचौलिए के साथ मिलीभगत से कोलकाता के कारोबारी राम चंद्र डागा और उनके बेटे बसंत डागा को एक मामले में फंसा कर उनसे 20 लाख रुपये की अवैध रिश्वत मांगी थी।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने भ्रष्टाचार के प्रति अपनी ‘कतई बर्दाश्त न करने की नीति’ और संगठन के भीतर रिश्वतखोरी के खिलाफ स्थापित तंत्र के तहत कांस्टेबल की अवैध गतिविधियों पर निगरानी अभियान शुरू किया। सीबीआई ने अपने कांस्टेबल, बिचौलिए और अन्य लोगों समेत छह व्यक्तियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की। सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, सिंह ने कथित तौर पर 21 सितंबर को ‘‘आधिकारिक दौरे’’ पर कोलकाता का दौरा किया और राम चंद्र डागा से मुलाकात की।
उसने दावा किया कि उसे डागा और अन्य लोगों द्वारा कथित तौर पर की गई अवैध गतिविधियों के बारे में जानकारी है। यह भी आरोप है कि उसने इस दौरान डागा के वकील से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा की, जिसके बाद वकील हाल ही में मामले को ‘‘सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए’’ दिल्ली आया था। एजेंसी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल स्थित बिचौलिए को उक्त मामले की पूरी जानकारी थी और वह इसमें अपना हिस्सा मिलने की उम्मीद भी कर रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले सप्ताह दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के एक मॉल में हुई बैठक के दौरान कांस्टेबल ने रिश्वत की रकम घटाकर छह लाख रुपये तय की। सीबीआई को संभावित रिश्वत के लेन-देन की जानकारी मिलने के बाद वह गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसके बाद एजेंसी ने रविवार को अपनी भ्रष्टाचार निरोधक इकाई की टीम भेजी, जिसने मौके पर पहुंचकर छापा मारा और कांस्टेबल तथा कारोबारी के वकील को गिरफ्तार कर लिया।
