विशाखापत्तनम, पांच अक्टूबर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को यहां हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड में बेड़ा सहायता पोत-1 (एफएसएस-1) का जलावतरण करेंगे, एफएसएस-5 के निर्माण की औपचारिक शुरुआत करेंगे तथा उन्नत ‘‘स्लिपवे-4’’ और 300 टन क्षमता वाली क्रेन का उद्घाटन करेंगे। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की ओर से सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि ये भारत की स्वदेशी पोत निर्माण क्षमताओं का महत्वपूर्ण प्रदर्शन है। विज्ञप्ति के अनुसार, उन्नत ‘स्लिपवे-4’ की लंबाई बढ़ाई गई है और उसकी भार वहन क्षमता भी बढ़ाई गई है।
इसमें कहा गया है कि ‘गोलियथ क्रेन’ की मदद से यह शिपयार्ड 45,000 डीडब्ल्यूटी तक के पोतों का निर्माण और जलावतरण कर सकेगा। विज्ञप्ति में कहा गया कि यह शिपयार्ड की क्षमता में महत्वपूर्ण विस्तार है। भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे पांच पोतों में से पहला एफएसएस-1 18 महीने बाद बंगाल की खाड़ी में प्रवेश करेगा।
इसमें कहा गया, ‘‘43,500 टन क्षमता वाले ये पोत समुद्र में युद्धपोतों में ईंधन और अन्य आवश्यक सामग्री की आपूर्ति करेंगे, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में नौसेना की लंबे समय तक अभियान चलाने की क्षमता बढ़ेगी। एफएसएस-5 निर्माण की औपचारिक शुरुआत इस कार्यक्रम के श्रृंखलाबद्ध उत्पादन की दिशा में लगातार आगे बढ़ने का संकेत है।’’
विज्ञप्ति में कहा गया कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन और रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार के भी इन कार्यक्रमों में शामिल होने की उम्मीद है।
