अक्टूबर के महीने में कई व्रत-त्योहार पड़ रहे हैं। वहीं 11 अक्टूबर 2026 से नवरात्रि का महापर्व शुरू हो रहा है। हिंदू धर्म में नवरात्रि के पर्व की विशेष महत्व माना जाता है। इस दौरान कई लोग भगवान की पूजा के लिए पीतल और तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन लंबे समय तक इन बर्तनों का इस्तेमाल न किया जाए या नमी की वजह से इन बर्तनों पर कालापन और दाग जम जाते हैं। जिससे बर्तनों की चमक फीकी पड़ जाती है।
ऐसे में इन बर्तनों को साफ करने के लिए महंगे क्लीनर खरीदने की जरूरत नहीं है। घर में मौजूद कुछ आसान चीजों की सहायता से आप न सिर्फ तांबे और पीतल के बर्तनों को नए जैसा चमका सकते हैं।
नींबू और नमक से करें साफ
तांबे और पीतल के बर्तनों की सफाई के लिए नमक और नींबू सबसे आसान और असरदार उपाय माना जाता है। एक नींबू को पहले बीच से काट लें और फिर इस पर थोड़ा सा नमक लगाएं। अब तांबे के बर्तनों पर आधे कटे नींबू को हल्के हाथों से रगडें। 5 से 10 मिनट बाद पानी से धोकर बर्तनों को पोंछ लें। इससे जिद्दी दाग और कालापन काफी हद तक साफ हो जाएगा।
इमली का गूदा
अगर बर्तनों पर पुराने और जिद्दी दाग पड़े हैं, तो इमली का गूदा भी मदद कर सकता है। इमली को थोड़ी देर पानी में भिगोकर इसका गूदा निकाल लें। फिर बर्तनों पर लगाएं और कुछ मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद मुलायम स्क्रबर से हल्के हाथों से बर्तन को साफ करें और पानी को धो लें।
बेकिंग सोडा और नींबू
नींबू और बेकिंग सोडा का मिश्रण भी तांबे के बर्तनों को साफ करने में मददगार माना जाता है। दोनों को मिलाकर पेस्ट तैयार करें और फिर बर्तनों पर लगाएं। 10 मिनट बाद मुलायम स्पंज से रगड़कर धो लें। इससे बर्तनों की चमक वापस मिलती है।
सिरका और नमक
अगर तांबे के बर्तन अधिक काले हो गए हैं, तो सिरका और नमक के घोल का उपयोग कर सकती हैं। सिरका और नमक को मिलाकर बर्तन पर लगाएं। फिर कुछ मिनट बाद हल्के हाथों से रगड़ें और साफ पानी से धोकर फौरन सूखे कपड़े से पोंछ दें। इससे दाग भी हट जाते हैं और नए जैसी चमक भी लौटती है।
बेसन और दही
अगर आप भी केमिकल फ्री तरीका अपनाना चाहती हैं, तो दही और बेसन का गाढ़ा पेस्ट बनाकर बर्तनों पर लगाएं। 10 से 15 मिनट बाद हल्के हाथों से रगड़ते हुए तांबे के बर्तनों को साफ करें। इस आसान तरीके से बर्तनों की गंदगी हटाने के साथ उनकी नेचुरल चमक बनाए रखने में सहायता करता है।
