पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा समेत राज्य के कई बड़े कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्षा सोनिया गांधी और पार्टी आलाकमान से मुलाकात की। इस मीटिंग के बाद से पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल?
प्रताप सिंह बाजवा के अलावा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य विजय इंदर सिंगला समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता 10 जनपथ स्थित सोनिया गांधी के आवास पर पहुंचे और चर्चा की।
बाजवा ने कहा, पार्टी जो भी फैसला लेगी, हम साथ खड़े हैं
मुलाकात के बाद प्रताप सिंह बाजवा ने खुद को पार्टी का वफादार बताया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने आज पंजाब के पांच सीनियर कांग्रेस नेताओं को बुलाया था। मैंने उनके सामने अपना नजरिया रख दिया है। अब वे जो भी फैसला लेंगे, हम उसका पूरा सपोर्ट करेंगे। हम कांग्रेस के समर्पित सिपाही हैं; वे हमें कोई पद दें या न दें, हम हमेशा राहुल जी और कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।”
#WATCH | Delhi | LoP, Punjab Assembly and Congress leader Partap Singh Bajwa says, “Today Rahul Gandhi called five senior Congress leaders of Punjab. I had put forward my viewpoint, and whatever decision he takes, we will stand by it. We are committed soldiers of the Congress… pic.twitter.com/ajo2kJntcF
— ANI (@ANI) June 21, 2026
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चुनाव से पहले लीडरशिप में बदलाव की चर्चा
पंजाब के नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब राज्य में पार्टी लीडरशिप के बदलने की अफवाहें जोरों पर हैं। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हाल ही में अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भटनलाल जाटव को पंजाब का ऑब्जर्वर नियुक्त किया है।
2017 वाला जादू दोहराने की कोशिश में कांग्रेस
पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा था और उसकी सीटें घटकर सिर्फ 18 रह गई थीं, जबकि आम आदमी पार्टी ने 92 सीटें जीतकर एकतरफा सरकार बनाई थी। अब कांग्रेस आगामी चुनावों में अपने 2017 वाले प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश में जुटी है, जब उसने 77 सीटें जीतकर पंजाब की सत्ता हासिल की थी।
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बदल रहा है पंजाब का पॉलिटिकल सिनैरियो
पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार पंजाब का राजनीतिक माहौल काफी बदल चुका है। कांग्रेस के पास राज्य में कई बड़े और मजबूत चेहरे हैं। वहीं, दूसरी तरफ चर्चा है कि बीजेपी इस बार अकेले चुनाव लड़ सकती है। इसके अलावा, राघव चड्ढा और उनके कई साथियों के बीजेपी में शामिल होने के बावजूद, आम आदमी पार्टी अपनी सत्ता बचाने और पंजाब में वापसी करने के लिए पूरा जोर लगा रही है।
