भारत ने अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा (49 रन) और पदार्पण करने वाली बल्लेबाज निकी प्रसाद (नाबाद 39) के बीच पांचवें विकेट के लिए 82 रन की साझेदारी की मदद से शुरूआती झटकों से उबरते हुए शुक्रवार को यहां पहले महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में जिम्बाब्वे को चार विकेट से शिकस्त देकर तीन मैच की श्रृंखला में 1-0 से बढ़त बना ली। भारत और जिम्बाब्वे पहली बार द्विपक्षीय श्रृंखला में खेल रहे हैं। इस मुकाबले के साथ स्मृति मंधाना के कप्तानी कार्यकाल की भी शुरुआत हुई।
भारतीय टीम के लिए 115 रन का लक्ष्य इतना बड़ा नहीं था लेकिन 19 रन पर चार विकेट गंवाने के बाद टीम संघर्ष करती दिख रही थी। लेकिन अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति (37 गेंद, आठ चौके) और मध्यक्रम बल्लेबाज निकी (35 गेंद, छह चौके) ने मिलकर पांचवें विकेट के लिए 63 गेंद में 82 रन की भागीदारी कर भारत को जीत तक पहुंचाया। यह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में पांचवें विकेट के लिए भारत की सबसे बड़ी साझेदारी है।
इन दोनों ने मिताली राज और अनुजा पाटिल के बीच इस विकेट के लिए 77 रन की साझेदारी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। इस दौरान दीप्ति आउट हो गईं, पर भारत ने 4.2 ओवर रहते छह विकेट पर 116 रन बनाकर जीत दर्ज की। नयाशा ग्वानजुरा (तीन ओवर में 18 रन देकर तीन विकेट) ने अपने पहले ही ओवर में भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना (09) और अनुष्का शर्मा (04) के विकेट लेकर भारत को दो झटके दे दिए।
जिम्बाब्वे का मंधाना के खिलाफ शुरुआत में ऑफ स्पिन गेंदबाजी कराने का फैसला सफल रहा। दूसरे ओवर की पहली गेंद हालांकि विकेट लेने वाली गेंद नहीं थी। मंधाना के पास इसे खेलने का समय था लेकिन वह पीछे हटकर पुल शॉट खेलने गईं और गेंद उनके बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर हवा में उछल गई।
बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर खड़ी खिलाड़ी ने आसान कैच लपक लिया। जिम्बाब्वे को शुरुआती सफलता मिली और भारत की नयी कप्तान सस्ते में आउट हो गईं। फिर दो गेंद बाद ग्वानजुरा ने भारत को दूसरा झटका दे दिया।
अनुष्का ऑफ स्टंप के बाहर की जाती गेंद को ड्राइव करने गईं, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर बैकवर्ड प्वाइंट की ओर चली गई, जहां क्षेत्ररक्षक ने आसान कैच लपक लिया। भारत का स्कोर दो विकेट पर 18 रन हो गया। स्कोर में एक रन ही जुड़ा था कि पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर भी सस्ते में आउट हो गईं।
मिशेल मावुंगा की फुल लेंथ को हरमनप्रीत ने फ्लिक करने की कोशिश की, लेकिन यह सीधे शॉर्ट मिडविकेट पर खड़ी ग्वानज़ुरा के हाथों में चली गई। भारत का तीसरा विकेट गिर गया। ग्वानजुरा ने इसके बाद उप-कप्तान शेफाली वर्मा को अपनी ही गेंद पर कैच लेकर भारत को चौथा झटका दिया।
स्कोर चार विकेट पर 19 रन था और भारतीय टीम मुश्किल में दिख रही थी। पर दीप्ति जिम्मेदारी से खेलते हुए क्रीज पर टिकीं रहीं, हालांकि अपने अर्धशतक से एक रन पहले ओलिंडर चारे की गेंद पर आउट हो गईं। निकी डटीं रहीं और टीम को जीत दिलाई।
इससे पहले जिम्बाब्वे की सलामी बल्लेबाज केलिस एंडलोहवु ने 44 गेंद में 42 रन की आकर्षक पारी खेली, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने मेहमान टीम को पांच विकेट पर 114 रन पर रोक दिया। एंडलोहवु की पारी जिम्बाब्वे की ओर से सबसे प्रभावशाली रही जबकि अन्य बल्लेबाजों को भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने संघर्ष करना पड़ा। शारने मेयर्स ने अंतिम ओवरों में नाबाद 43 रन (33 गेंद में) बनाकर टीम के स्कोर को कुछ सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाया।
एंडलोहवु ने बड़े मंच पर अपनी शॉट खेलने की क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने शॉर्ट गेंदों पर तेजी से कट और पुल शॉट लगाए। हालांकि 10 ओवर में जिम्बाब्वे का स्कोर एक विकेट पर 60 रन पहुंचने के बाद बाएं हाथ की इस सलामी बल्लेबाज की रन गति काफी धीमी हो गई।
वह अपनी आखिरी 12 गेंदों पर केवल दो रन बना सकीं, जिसके बाद अरुंधति रेड्डी ने उन्हें बोल्ड कर दिया। एंडलोहवु की सलामी जोड़ीदार बिलव्ड बिजा पहले ही ओवर में क्रांति गौड़ की सीधी गेंद को चूककर आउट हो गईं। इसके बाद एंडलोहवु और मॉडेस्टर मुपाचिकवा (26 गेंद में 16 रन) ने दूसरे विकेट के लिए 53 रन की साझेदारी की।
इस दौरान ज्यादातर रन एंडलोहवु ने बनाए। पर 11वें ओवर में स्पिनर श्री चरणी की गेंद पर मुपाचिकवा ने आसान कैच थमा दिया, जिससे जिम्बाब्वे का स्कोर दो विकेट पर 60 रन हो गया। जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने काफी अधिक डॉट गेंदें खेलीं।
भारत जैसी मजबूत टीम को चुनौती देने के लिए उन्हें अभी काफी सुधार करने की जरूरत है। मेयर्स ने पारी के अंतिम ओवरों में दो छक्के और चार चौके लगाकर टीम के स्कोर में उपयोगी रन जोड़े।
