पुणे, 29 जुलाई महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने बुधवार को किसानों को आश्वस्त किया कि उन्हें राज्य की फसल ऋण माफी योजना के क्रियान्वयन को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लाभार्थियों को वादा किया गया लाभ मिलेगा। पुणे में संवाददाताओं के साथ बातचीत में भरणे ने कहा कि सरकार पहले दो लाख रुपये तक के फसल ऋण माफी के पात्र किसानों को लाभ दे रही है।
इसके बाद एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजना के लाभार्थियों और नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन योजना के पात्र लोगों को लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं अपने किसान भाइयों से कहना चाहता हूं कि उन्हें बिल्कुल चिंता करने की जरूरत नहीं है। यदि शुरुआत में सरकार की ओर से ऋण खाते में जमा की गई राशि कम दिखाई देती है, तो शेष पात्र राशि राष्ट्रीयकृत बैंक उनके साथ हुए समझौते के अनुसार वहन करेंगे।’’
भरणे ने कहा, ‘‘ यदि कोई राष्ट्रीयकृत बैंक गलत जानकारी देता है या किसानों को गुमराह करता है, तो सरकार उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करेगी।’’
मंत्री ने बताया कि योजना के पहले चरण में करीब 31 लाख किसान शामिल हैं।
इनमें से लगभग 16-17 लाख किसानों को फिलहाल लाभ देने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि करीब पांच लाख किसान अनिवार्य ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं जिससे सरकार बिना किसी बाधा के उनके खातों में राशि जारी कर सकती है। मंत्री ने कहा कि सरकार पहले दो लाख रुपये तक के बकाया फसल ऋण वाले किसानों को राशि जारी करेगी।
इसके बाद दो लाख रुपये से अधिक के ऋण वाले ओटीएस योजना के लाभार्थियों और फिर नियमित ऋण चुकाने वाले किसानों को 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। समय-सीमा के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि प्राथमिकता पहले चरण का वितरण पूरा करने की है तथा उसके बाद अन्य श्रेणियों के लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा। इस महीने की शुरुआत में राज्य मंत्रिमंडल ने ऋण माफी योजना में महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी थी।
इसके तहत 2019 की ऋण माफी योजना के लाभार्थियों पर लागू 50,000 रुपये की ऊपरी सीमा सहित प्रमुख पात्रता शर्तों को हटा दिया गया। इस बदलाव से ऐसे किसान नई योजना के तहत दो लाख रुपये तक की ऋण माफी का लाभ उठा सकेंगे।
