भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) से इस्तीफा देकर राजनीति में आने की घोषणा कर चुकीं उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल का रविवार को जिगना में समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। ग्रामीणों ने इस दौरान ‘दिव्या मित्तल जिंदाबाद’ और ‘दिव्या दीदी जिंदाबाद’ के नारे लगाए। राजनीति में आने की घोषणा के बाद मित्तल का इस क्षेत्र का यह पहला दौरा था।
उनके पहुंचने पर महिलाओं ने गुलाब की मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया, जबकि लोगों ने उनकी गाड़ी पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं। मित्तल ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आप लोगों ने मुझ पर इतने फूल बरसाये हैं। यह आपका प्यार है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आप हर बार मुझे भावुक कर देते हैं।
ऐसा लगता है कि मिर्जापुर ने मुझे भावनाओं में रुलाने का ठेका ले लिया है। मिर्जापुर को हमेशा हंसते रहना चाहिए। किसी को रोना नहीं है।’’
इसके बाद मित्तल ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
वह दोपहर करीब दो बजे मंदिर पहुंचीं और श्रद्धालुओं के साथ कतार में खड़े होकर पूजा की। उनके लिए इस दौरान कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई थी। पुजारी पंडित विनय महाराज ने कलश स्थापना की रस्म पूरी कर धार्मिक अनुष्ठान शुरू कराया।
हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली मित्तल ने 30 अगस्त को आईएएस की सेवा से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने 29 सितंबर को राजनीति में आने की घोषणा करते हुए कहा था कि वह उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगी। मित्तल ने यह भी स्पष्ट किया था कि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल होने के बजाय स्वतंत्र रूप से काम करेंगी और देश की आजादी के 80 वर्षों का हिसाब मांगेंगी।
माना जा रहा है कि मित्तल मिर्जापुर से ही अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर सकती हैं। मित्तल मिर्जापुर की जिलाधिकारी रहते हुए अपने प्रशासनिक प्रयासों के लिए चर्चा में रही थीं। उन्होंने राजनीति में आने की घोषणा के दौरान जिले के लहुरिया दह गांव से जुड़ा एक अनुभव भी साझा किया था, जिसमें एक महिला की बातों ने उन्हें भावुक कर दिया था।
