प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूज़ीलैंड के ऑकलैंड में भारतीय समुदाय के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन, न्यूज़ीलैंड सरकार के सदस्यों और लेबर पार्टी के सदस्यों को बधाई देता हूँ। उनकी मौजूदगी भारत-न्यूज़ीलैंड संबंधों के लिए दोनों पार्टियों के मज़बूत समर्थन को दर्शाती है। यह कीवी-भारतीय समुदाय की शानदार उपलब्धियों का भी प्रमाण है। हर युग में हर दौर में भारत ने खुद को ट्रांसफॉर्म किया है और इसका कारण है हमारी सीखने की ललक। भारत सबसे सीखता है। हमारे लिए सामने वाले देश की जनसंख्या नहीं, जनकल्याण की भावना मायने रखती है और इसलिए हमने न्यूजीलैंड से भी बहुत कुछ सीखा है। न्यूजीलैंड दुनिया का वो देश है, जिसने सबसे पहले महिलाओं को वोटिंग का राइट दिया था। आज हम देखते हैं कि न्यूजीलैंड की सोसाइटी में महिलाएं बहुत बड़े पैमाने पर कंट्रीब्यूट कर रही हैं। भारत भी आज महिलाओं के नेतृत्व में विकास के मंत्र के साथ महिलाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोल रहा है।
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पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय देश से बाहर जिस भी देश में रहते हैं, वहां उस देश की प्रगति में पूरी तरह मदद करते हैं। और अपने देश के विकास की भी जानकारी रखते हैं। हम जितना प्यार जन्मभूमि को करते हैं, उतना ही समर्पण कर्मभूमि को भी करते हैं। स्पेस सेक्टर खुद भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच आर्थिक साझेदारी की अपार संभावनाओं को दिखाता है। हमारे व्यापार समझौते में भी यही भावना झलकती है। यह समझौता विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा को तेज़ करेगा। इससे भारत और न्यूज़ीलैंड, दोनों देशों में व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। हमारे दोनों देशों के बीच एक और महत्वपूर्ण समानता है। यह समानता है अपनी मूल संस्कृतियों को मनाने और उन्हें संरक्षित करने के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता।
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पीएम मोदी ने कहा कि भारत के किसी प्रधानमंत्री को न्यूजीलैंड आने में 40 साल लग गए। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि ये मोदी की गारंटी है। पीएम मोदी के ऐसा कहते ही पूरा ऑडिटोरियम मोदी मोदी के नारों से गूंज उठा।
