सरकार ने घरों में पाइप के जरिये प्राकृतिक गैस (पीएनजी) की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन योजना लाने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य देशभर में स्वच्छ और अपेक्षाकृत सस्ता खाना पकाने का ईंधन उपलब्ध कराने के साथ घरेलू पीएनजी कनेक्शन की संख्या बढ़ाना है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘एपीएम/एनएपीएम प्रोत्साहन योजना’ के तहत पात्र शहरी गैस वितरण (सीजीडी) कंपनियों को संबंधित भौगोलिक क्षेत्र के लिए तय सीमा से अधिक प्रत्येक नए बिल वाले घरेलू पीएनजी कनेक्शन पर 200 मानक घन मीटर (एससीएम) घरेलू स्तर पर उत्पादित कम कीमत वाली एपीएम गैस का अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा।
यह प्रोत्साहन योजना छह-छह महीने की दो किस्तों में लागू होगी। अतिरिक्त एपीएम गैस आवंटन से शहरी गैस वितरण कंपनियां अपने परिवहन क्षेत्र के सीएनजी परिचालन में इस्तेमाल होने वाली अपेक्षाकृत महंगी तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की जगह सस्ती गैस का इस्तेमाल कर सकेंगी। इससे गैस खरीद की उनकी कुल लागत कम होगी।
सरकार को होने वाली बचत से घरेलू पीएनजी विस्तार की आर्थिक व्यवहार्यता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। घरेलू पीएनजी कनेक्शन के लिए पूंजीगत व्यय की भरपाई की अवधि करीब 10 साल से घटकर लगभग तीन साल रह सकती है। इससे सीजीडी कंपनियों को गैस नेटवर्क और घरेलू कनेक्शन तेजी से बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
इसके अलावा, नए पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन प्रक्रिया आसान बनाने के मकसद से एक एकीकृत पीएनजी पंजीकरण पोर्टल विकसित किया जा रहा है। यह एकल खिड़की डिजिटल मंच के रूप में काम करेगा और उपभोक्ताओं को अपने आवेदन की स्थिति पर नजर रखने की सुविधा देगा। सरकार ने कहा कि ये कदम घरों तक पाइप के जरिये खाना पकाने की गैस की पहुंच बढ़ाने और स्वच्छ, सुरक्षित तथा अधिक किफायती ईंधन की ओर तेजी से बदलाव को प्रोत्साहित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं।
