कोच्चि, एक नवंबर एक अदालत ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को विशेषज्ञों की मदद से इस साल फरवरी में केरलम के मलप्पुरम जिले के तिरुरंगाडी से जब्त किए गए विस्फोटकों को नष्ट करने की अनुमति दे दी है। एनआईए सात फरवरी को तिरुरंगाडी में प्याज की बोरियों से लदे एक ट्रक से 89,600 जिलेटिन की छड़ें और बड़ी संख्या में गैर-विद्युत डेटोनेटर जब्त किए जाने के मामले की जांच कर रही है। एजेंसी ने हाल ही में अदालत में याचिका दायर कर जब्त विस्फोटकों को नष्ट करने या निष्क्रिय करने की अनुमति मांगी थी।
एजेंसी ने दलील दी थी कि उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखना सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हो सकता है। एनआईए की विशेष अदालत के न्यायाधीश पी. के. मोहनदास ने याचिका पर सुनवाई के बाद 30 अक्टूबर को विशेषज्ञों की मदद से विस्फोटकों को निष्क्रिय करने या नष्ट करने की अनुमति दे दी। अदालत ने एजेंसी को मामले में सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए विस्फोटकों के नमूने एकत्र करने का निर्देश भी दिया।
पुलिस ने मलप्पुरम जिले में चेम्माड-थलाप्पारा रोड पर स्थित फरहा हॉलो ब्रिक्स कंपनी के परिसर में खड़े एक ट्रक से विस्फोटक बरामद किए थे। अधिकारियों के अनुसार, ट्रक से जुड़े लोगों को तब गिरफ्तार किया गया, जब वे विस्फोटकों को रखने या उनके परिवहन के लिए वैध लाइसेंस अथवा परमिट नहीं दिखा सके। इसके बाद एनआईए ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली।
जांच के दौरान एजेंसी ने केरलम, कर्नाटक और तमिलनाडु में 19 स्थानों पर तलाशी ली। एनआईए ने पाया कि आरोपी विस्फोटकों के लाइसेंस प्राप्त विक्रेता और उपयोगकर्ता होने के बावजूद कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन कर जब्त विस्फोटक बेच रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
