बेंगलुरु, दो अगस्त कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार कावेरी मुद्दे पर राज्य के किसानों और जनता के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही उन्होंने संगठनों से प्रस्तावित ‘कर्नाटक बंद’ का आह्वान वापस लेने की अपील की। कन्नड़ समर्थक संगठनों ने कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्लयूएमए) के उस आदेश के खिलाफ 13 अगस्त को ‘कर्नाटक बंद’ का आह्वान किया है, जिसमें कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) की तमिलनाडु के लिए 15 दिन तक प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने की सिफारिश को बरकरार रखा गया था।
शिवकुमार ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि बारिश से स्थिति में सुधार हुआ है और सभी राजनीतिक दलों ने अपना समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे बंद से किसी का भला नहीं होगा। कावेरी मुद्दे पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कानूनी दायरे में रहकर फैसले लेना जारी रखेगी, पीने के पानी की जरूरतों को प्राथमिकता देगी, कानूनी और कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेगी और कोई भी अगला कदम उठाने से पहले पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार कावेरी मुद्दे पर कर्नाटक के किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खुद कावेरी बेसिन क्षेत्र से आते हैं और एक किसान के बेटे हैं। शिवकुमार ने कहा कि राज्य के 7.5 करोड़ लोगों के मन में कर्नाटक के हितों की रक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए।
