कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और ईरान-अमेरिका युद्ध को हल करने के लिए राजनयिक वार्ता होने की उम्मीद के कारण वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की धारणा में सुधार के बीच अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया मंगलवार को 16 पैसे मजबूत होकर 95.62 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि ईरान के सात दिन के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की खबरों के बाद ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। खबरों में कहा गया है कि अगर अमेरिका अपने बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाता है और ईरान पर सैन्य दबाव कम करता है, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य खोल सकता है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.75 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.55 के स्तर तक पहुंच गया। कारोबार के अंत में रुपया 95.62 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 16 पैसे की बढ़त है।
रुपया सोमवार को 18 पैसे मजबूत होकर 95.78 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की धारणा में सुधार और अमेरिका-ईरान युद्ध के समाधान के लिए कूटनीतिक वार्ता की उम्मीदों से रुपये में सकारात्मक रुख बना रह सकता है। उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 95.30 से 95.80 के दायरे में रहने के आसार हैं।’’
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.08 प्रतिशत गिरकर 100.34 पर कारोबार कर रहा था।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.20 डॉलर प्रति बैरल पर था। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 329.91 अंक गिरकर 74,529.08 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 85.30 अंक के नुकसान के साथ 23,329 अंक पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे।
उन्होंने मंगलवार को शुद्ध रूप से 3,809.99 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
