ग्लास्गो, 28 जुलाई ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने मंगलवार को कहा कि वह अपने गृह राज्य असम में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण राष्ट्रमंडल खेलों में अपने अभियान पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रही हैं और उन्होंने लोगों से बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए आगे आने की भी अपील की। असम की 28 वर्षीय मुक्केबाज लवलीना को महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में केवल पांच मुक्केबाजों के ड्रॉ के कारण सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश मिला है। इसके साथ ही उनका कम से कम कांस्य पदक पक्का हो गया है।
तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर ओलंपिक पदक हासिल करने वाली तीसरी भारतीय मुक्केबाज बनीं लवलीना ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘असम में बाढ़ के कारण बहुत से लोगों की जान चली गई है जिससे मुझे काफी दुख हो रहा है। इस समय बड़ी संख्या में लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कई लोगों के घर उजड़ गए हैं और सब कुछ बह गया है। लोगों को भोजन, पीने का पानी, कपड़े और दूसरी जरूरी चीजें भी नहीं मिल पा रही हैं।’’
लवलीना ने कहा, ‘‘अपने लोगों की स्थिति को देखकर मैं यहां पूरी तरह ध्यान नहीं लगा पा रही हूं।
फिर भी मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश कर रही हूं। हमारे लोग प्रभावितों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार भी हर संभव प्रयास कर रही है। असम के बहुत से लोग भी उनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं।
मैं सभी लोगों से अपील करती हूं कि वे बाढ़ प्रभावितों तक पहुंचें और उनकी मदद करें। कृपया जरूरी सामान उन तक पहुंचाने में हमारा सहयोग करें।’’
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार इस वर्ष राज्य में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है। इस आपदा से शिवसागर, गोलाघाट, चराइदेव, जोरहाट, नगांव और कामरूप (महानगर) सहित छह जिलों के 4,45,495 लोग प्रभावित हुए हैं।
