राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से ग्रेड थर्ड टीचर एग्जाम चौथे दिन मंगलवार को भी जारी है। पहली पारी में चेकिंग कर एक घंटे पहले नौ बजे तक सेंटर पर एंट्री दी गई। इस दौरान शूज व मौजे खुलवाकर भी चेक किया। सेंटर पर कैंडिडेट्स को जानकारी देने के लिए माइक भी लगाए और अनाउंस किया। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहे। पहली पारी के लिए 3 सेंटर पर 669 कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड है। दूसरी पारी की परीक्षा 04 सेंटर पर होगी। 1008 कैंडिडेट्स शामिल होंगे। सीसीटीवी कैमरे लगाए कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर की ओर से अधिकृत फर्म ने सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। फर्म ही हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी) से तलाशी और बायोमेट्रिक व्यवस्था संभाली। निगरानी के लिए सतर्कता दल गठित किए गए हैं, जिसमें प्रत्येक दल में एक आरएएस अधिकारी, एक आरपीएस अधिकारी और एक शिक्षा विभाग का अधिकारी शामिल है। सावित्री स्कूल, जेल तिराहा, कलेक्ट्रेट के बाहर, रोडवेज बस स्टेंड और सेशन कोर्ट के बाहर ट्रैफिक का अतिरिक्त जाप्ता लगाया गया है। इसके अलावा रोडवेज बसों की एक्स्ट्रा व्यवस्था की गई है। ……… असिस्टेंट प्रोफेसर एग्जाम के 8 सब्जेक्ट की मॉडल आंसर-की जारी अजमेर.राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा विभाग) परीक्षा-2025 के अंतर्गत फिलासफी, टेक्सटाइल डाइंग एंड पेंटिंग, ज्योग्राफी, एबीएसटी, सोशियोलॉजी, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, ड्राइंग एंड पेंटिंग, तथा स्टेटिस्टिक्स विषय की मॉडल उतरकुंजियाँ आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दी गई हैं। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आयोग के मुख्य परीक्षा नियंत्रक आशुतोष गुप्ता ने बताया कि उक्त विषयों की परीक्षा का आयोजन 16 से 19 दिसंबर 2025 तक किया गया था। यदि किसी भी अभ्यर्थी को इन मॉडल उतरकुंजियाँ पर कोई आपत्ति हो तो निर्धारित शुल्क के साथ 21 से 23 जनवरी 2026 को रात्रि 12:00 बजे तक अपनी आपत्ति ऑनलाईन दर्ज करवा सकता है। इसके लिए प्रति आपत्ति शुल्क 100 रुपए है। मॉडल प्रश्न-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध आपत्तियां आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्न-पत्र के क्रम अनुसार ही प्रविष्ट करनी होगी( इन परीक्षाओं के मॉडल प्रश्नपत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आपत्ति प्रामाणिक (स्टैंडर्ड, ऑथेंटिक) पुस्तकों के प्रमाण सहित ऑनलाइन ही प्रविष्ट करनी होगी। वांछित प्रमाण संलग्न नहीं होने की स्थिति में आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। कोई अन्य व्यक्ति आपत्ति दर्ज नहीं करा सकता। यह रहेगा शुल्क और प्रोसेस आयोग की ओर से हर प्रश्न के लिए आपत्ति शुल्क 100 रुपए (सेवा शुल्क अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थी एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर उक्त परीक्षा के लिए उपलब्ध लिंक (क्वेश्चन ऑब्जेक्शन) पर क्लिक कर प्रश्नों पर आपत्तियां दर्ज करानी होगी। प्रति प्रश्न आपत्ति शुल्क 100 रुपए (सेवा शुल्क अतिरिक्त) के हिसाब से कुल आपत्ति शुल्क ई-मित्र कियोस्क अथवा अभ्यर्थी स्वयं भी रिक्रूटमेंट पोर्टल पर उपलब्ध पेमेंट गेटवे पर भुगतान कर आपत्तियां दर्ज कर सकता है। आयोग द्वारा शुल्क वापस लौटाने का प्रावधान नहीं है। शुल्क के अभाव में आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएगी। आपत्तियां केवल ऑनलाइन ही प्रस्तुत करें। अन्य किसी माध्यम से भेजी गई आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएगी। आपत्तियां केवल एक बार ही ली जाएगी। ऑनलाइन आपत्तियों का लिंक दिनांक 10 से 12 जनवरी को रात्रि 12 बजे तक ही उपलब्ध है, उसके बाद लिंक निष्क्रिय हो जाएगा। यहां करें कॉन्टैक्ट ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर अभ्यर्थी recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ईमेल से अथवा फोन नम्बर 9352323625 व 7340557555 पर संपर्क कर सकते हैं।
अजमेर में ग्रेड-थर्ड टीचर एग्जाम जारी, चेकिंग कर दी एन्ट्री:RPSC के असिस्टेंट प्रोफेसर एग्जाम की मॉडल आंसर-की पर कल से दर्ज कराएं आपत्ति
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
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सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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