इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले ज्यादातर स्टूडेंट्स के बीच ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद सबसे बड़ी कंफ्यूजन यही रहती है कि वह इंजीनियरिंग के किस फील्ड में अपना कॅरियर बनाएं। लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग दोनों ही फील्ड इलेक्ट्रिक सिस्टम से संबंधित है। लेकिन इन दोनों में जो काम होते हैं, वह एक-दूसरे से पूरी तरह से अलग होते हैं। ऐसे में अगर आप इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं और आपको यह फैसला लेने में मुश्किल आ रही है कि इंजीनियरिंग का कौन सी फील्ड आपके लिए बेहतर है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको एक बारीक अंतर बताने जा रहे हैं। साथ ही यह भी जानेंगे कि इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग दोनों में से कौन सी फील्ड आपके कॅरियर को एक नई उड़ान दे सकता है।
इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
यह दोनों ही क्षेत्र इंजीनियरिंग के लिए होते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में मोबाइल संचार और कंप्यूटर हार्डवेयर क्षेत्रों में काम किया जाता है। वहीं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ट्रांसफॉर्मर, पावर प्लांट और हाई वोल्टेज वाले सिस्टम को ऑपरेट किया जाता है।
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कौन सी फील्ड बेहतर
इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल दोनों ही फील्ड आपके इंट्रेस्ट पर निर्भर करता है। अगर आपको बड़ी मशीनें जैसे पावर सिस्टम क्षेत्र में रुचि है, तो आप इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की तरफ रुख कर सकते हैं। अगर आपको संचार जैसे गैजेट और नई-नई टेक्नोलॉजी को जानने व समझने में इंट्रेस्ट है, तो आप इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में अपना बेहतर कॅरियर बना सकते हैं।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
अगर आप इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स करते हैं, तो आपको इस विषय के तहत डिजिटल संचार प्रणाली, ट्रांसफॉर्मर, इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन, जनरेटर, ट्रांसमिशन लाइन, वायरिंग और इंस्टॉलेशन जैसे विषयों से परिचित किया जाएगा। इस कोर्स को पूरा करने के बाद रेलवे, बिजली विभाग और पावर प्लांट में नौकरी कर सकते हैं। वहीं आप इसके साथ ही सरकारी नौकरी की भी तैयारी कर सकते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी और गैजेट से संबंधित है। इस कोर्स के तहत आपको सैटेलाइट कम्युनिकेशन, सेमीकंडक्टर और मोबाइल नेटवर्क जैसे विषयों से परिचित किया जाता है। इस कोर्स को पूरा करने के बाद आप सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री, आईटी कंपनी टेलीकॉम कंपनी और रोबोटिक्स के फील्ड में अपना सुनहरा भविष्य बना सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के फील्ड में न सिर्फ नौकरी की अपार संभावनाएं मौजूद है। वहीं इस कोर्स को पूरा करने के बाद कुशल पेशेवरों को ज्यादा सैलरी पर भी रखा जाता है।
दोनों में अंतर
इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हाई वोल्टेज और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर द्वारा लॉ वोलटेज वाली मशीनों को ऑपरेट करते हैं।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियर में जनरेटर, ट्र्रांसफॉर्मर और ट्रांसमिशन लाइन कर काम किया जाता है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग द्वारा कंप्यूटर और मोबाइल आदि को ऑपरेट किया जाता है।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियर द्वारा ऊर्जा और हाई करंट पर काम करते हैं, वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर डाटा और सिग्नल पर काम करते हैं।
बिजली विभाग पर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर अपनी सेवाएं देते हैं और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों और टेलीकॉम में काम करते हैं।
