पश्चिम बंगाल सहित पाँच राज्यों में चुनावी शंखनाद हो चुका है। भारतीय चुनाव आयोग ने रविवार को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगामी विधानसभा चुनावों के विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। इस घोषणा के साथ ही संबंधित राज्यों में ‘आदर्श आचार संहिता’ प्रभावी हो गई है।
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देश के चार राज्यों—पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम—और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में सत्ता का महासंग्राम शुरू हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार शाम 4 बजे विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनावी तारीखों का ऐलान किया। सबसे अधिक ध्यान पश्चिम बंगाल पर है, जहाँ चुनाव आयोग ने सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए दो चरणों में मतदान कराने का फैसला किया है।
बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है। यहाँ मतदान का कार्यक्रम इस प्रकार है:
पहला चरण: 23 अप्रैल 2026
दूसरा चरण: 29 अप्रैल 2026
नतीजे: 4 मई 2026
चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही, सभी राज्यों में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) तुरंत लागू हो जाएगी।
इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून के बीच खत्म हो रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को, तमिलनाडु का 10 मई को, असम का 20 मई को, केरल का 23 मई को और पुडुचेरी का 15 जून को खत्म हो रहा है।
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तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में चुनाव आमतौर पर एक ही चरण में होते हैं, जबकि पश्चिम बंगाल और असम में उनके बड़े आकार और सुरक्षा कारणों से आमतौर पर कई चरणों में वोटिंग होती है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव अप्रैल के दूसरे हफ़्ते में होने की संभावना है।
